राष्ट्रीय
25-May-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा यानी झामुमो ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कथित “हॉर्स ट्रेडिंग” यानी विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका जताई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव को प्रभावित करने के लिए विधायकों पर दबाव बनाने और उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश कर सकती है। झामुमो ने चुनाव आयोग से मांग की है कि राज्यसभा चुनाव पूरी पारदर्शिता और निष्पक्ष तरीके से कराया जाए। पार्टी ने आयोग से विशेष निगरानी रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करने की अपील की है। झामुमो नेताओं का कहना है कि पहले भी झारखंड में राज्यसभा चुनाव के दौरान पैसे के इस्तेमाल और राजनीतिक सौदेबाजी के आरोप लग चुके हैं। दरअसल, झारखंड में 18 जून को राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव होना है। एक सीट पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई है, जबकि दूसरी सीट भारतीय जनता पार्टी के सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल पूरा होने के कारण रिक्त हो रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस चुनाव में “वरीयता मत” यानी प्रेफरेंस वोट अहम भूमिका निभा सकते हैं। सत्ता पक्ष के पास पर्याप्त संख्या होने के बावजूद दूसरी सीट को लेकर रणनीतिक गणित काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं विपक्ष को जीत के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाने की जरूरत पड़ सकती है। झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव हमेशा चर्चा का विषय रहे हैं। वर्ष 2012 में भी कथित हॉर्स ट्रेडिंग और करोड़ों रुपये नकद बरामद होने के बाद चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनाव रद्द कर दिया था। इसी वजह से इस बार भी चुनाव आयोग की भूमिका पर सभी की नजर टिकी हुई है। सुबोध/२५ -०५-२०२६