ज़रा हटके
26-May-2026
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-इस ट्यूब्स को हटाने से ओवरी कैंसर का कम हो सकता है खतरा टोरंटो,(ईएमएस)। फ्रांजिस्का बोहम लंबे समय से जानती थीं कि उन्हें बच्चे नहीं चाहिए। इसी वजह से उन्होंने अपने फैमिली डॉक्टर से ट्यूबल लिगेशन यानी फैलोपियन ट्यूब्स को बंधवाने की बात कही लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें उस समय बार-बार गर्भनिरोधक विकल्प जैसे आईयूडी अपनाने की सलाह दी। कई सालों की बातचीत और इंतजार के बाद आखिरकार 28 साल की उम्र में जब सर्जन ने उन्हें ट्यूबल लिगेशन की जगह फैलोपियन ट्यूब हटाने की सलाह दी, तो उन्होंने यह प्रक्रिया करवा ली। फ्रांज़िस्का का कहना है कि लंबे समय तक डॉक्टर उनसे ये कहते रहे कि वह अभी बहुत छोटी हैं और बाद में उनका फैसला बदल सकता है। इसी तरह एडमोंटन की 41 साल की एंजेल लामाए ने भी बताया कि उन्हें भी युवावस्था में यही कहा गया कि वे स्थायी गर्भनिरोध के लिए तैयार नहीं हैं लेकिन बाद में उन्होंने 2021 में यह सर्जरी करवाई और अब वे इस फैसले से संतुष्ट हैं। डॉक्टरों के मुताबिक अब ट्यूबल लिगेशन की जगह यह नई प्रक्रिया तेजी से अपनाई जा रही है, जिसमें फैलोपियन ट्यूब को काटने या क्लिप करने के बजाय पूरी तरह हटा दिया जाता है। कैलगरी के रॉकीव्यू जनरल हॉस्पिटल की डॉ. फियोना मैटाटाल के मुताबिक रिसर्च में यह पाया गया है कि फैलोपियन ट्यूब हटाने से ओवरी कैंसर के सबसे आम प्रकार का खतरा कम हो सकता है। यही वजह है कि अब कई सर्जन इस प्रक्रिया को प्राथमिकता दे रहे हैं। ब्रिटिश कोलंबिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर जिलियन हैनली और उनकी टीम के अध्ययन में 2008 से 2020 के बीच करीब 85,000 मरीजों के डेटा का विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि जिन महिलाओं की फैलोपियन ट्यूब हटाई गई थी, उनमें हाई-ग्रेड सीरस कार्सिनोमा यानी ओवरी कैंसर के सबसे आम प्रकार का खतरा करीब 78 फीसदी तक कम था। शोधकर्ताओं का कहना है कि कई मामलों में ओवरी कैंसर की शुरुआत अंडाशय में नहीं बल्कि फैलोपियन ट्यूब में होती है, इसलिए यह प्रक्रिया ज्यादा प्रभावी मानी जा रही है। हालांकि डॉक्टर यह भी चेतावनी दी कि यह प्रक्रिया पूरी तरह स्थायी है और इसके बाद प्राकृतिक रूप से गर्भधारण संभव नहीं होता। ऐसे में भविष्य में बच्चा चाहने पर केवल आईवीएफ ही विकल्प रह जाता है। इसी वजह से 35 साल से कम उम्र की महिलाओं को लेकर डॉक्टर अधिक सावधानी बरतते हैं। 2024 की एक कनाडाई स्टडी में यह भी सामने आया कि करीब 16 फीसदी महिलाओं ने बाद में इस फैसले पर पछतावा जताया, हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि सर्वे में वही लोग ज्यादा शामिल हो सकते हैं जो असंतुष्ट थे। फिलहाल यह प्रक्रिया कनाडा के कई हिस्सों में लोकप्रिय हो रही है और इसे अक्सर दूसरी पेट या पेल्विक सर्जरी के साथ भी किया जा रहा है। हालांकि मरीजों को इसके लिए कई महीनों से लेकर एक साल तक का इंतजार भी करना पड़ रहा है। सिराज/ईएमएस 26 मई 2026