बीजिंग (ईएमएस)। चीन की जेलों में बंद कैदियों से जबरन अंग निकालने के आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं, लेकिन अब एक पूर्व कैदी की आपबीती ने इन दावों को फिर सुर्खियों में ला दिया है। पूर्व कैदी चेंग पेई मिंग ने दावा किया है कि जेल में कैदियों को नशे का इंजेक्शन देकर बेहोश किया जाता था और फिर उनके शरीर से किडनी, लीवर तथा फेफड़ों जैसे महत्वपूर्ण अंग निकाल लिए जाते थे। चेंग के अनुसार वह स्वयं भी इस अमानवीय प्रक्रिया का शिकार बन चुके हैं। चेंग फालुन गोंग नामक आध्यात्मिक संगठन के अनुयायी रहे हैं। चीन सरकार ने वर्ष 1999 में फालुन गोंग को प्रतिबंधित कर उसे “खतरनाक पंथ” घोषित कर दिया था। इसके बाद संगठन से जुड़े लाखों लोगों को गिरफ्तार किया गया। चेंग को भी इसी अभियान के दौरान जेल भेजा गया था। उन्होंने बताया कि जेल में उन्हें लगातार शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गईं। एक दिन उन्हें जबरन अस्पताल ले जाया गया, जहां छह सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पकड़कर इंजेक्शन लगा दिया। चेंग के मुताबिक जब उन्हें होश आया तो वह अस्पताल के बिस्तर पर पड़े थे। उनकी नाक में ट्यूब लगी हुई थी और वे बार-बार बेहोश हो रहे थे। उन्होंने देखा कि उनकी छाती पर बड़ा सर्जिकल चीरा लगा हुआ था और शरीर से खून मिश्रित तरल पदार्थ निकल रहा था। बाद में उन्हें पता चला कि उनके लीवर और फेफड़े का एक हिस्सा निकाल लिया गया है। चेंग का दावा है कि उन्होंने किसी भी मेडिकल कंसेंट फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं किए थे, इसके बावजूद उनके शरीर से अंग निकाल लिए गए। चेंग की अस्पताल में बेहोशी की हालत में ली गई तस्वीरें सोशल मीडिया और मिंगहुई वेबसाइट पर वायरल हो चुकी हैं। तस्वीरों में उनकी छाती पर सर्जरी के निशान साफ दिखाई देते हैं। बताया जा रहा है कि ये तस्वीरें अस्पताल के किसी कर्मचारी ने गुप्त रूप से ली थीं। मानवाधिकार संगठनों और कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में पहले भी यह आरोप लगाए जाते रहे हैं कि चीन में फालुन गोंग अनुयायियों, उइगर मुसलमानों और अन्य राजनीतिक कैदियों से जबरन अंग निकाले जाते हैं। इन अंगों को बाद में अमीर देशों के मरीजों को प्रत्यारोपण के लिए बेचे जाने की बात भी सामने आती रही है। चेंग ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि यह पूरा नेटवर्क राज्य के संरक्षण में काम करता है। उनके अनुसार कई कैदियों को बेहोश करने के बाद उनके अंग निकाल लिए जाते हैं और जब वे होश में आते हैं तो उन्हें पता चलता है कि उनका शरीर स्थायी रूप से नुकसान झेल चुका है। सुदामा/ईएमएस 26 मई 2026