ज़रा हटके
26-May-2026
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ब्यूनस आयर्स (ईएमएस)। कई बार प्रकृति ऐसे विचित्र नजारे सामने ले आती है, जिन्हें देखकर लोग हैरान और भयभीत हो जाते हैं। कुदरत अपने भीतर अनगिनत रहस्य समेटे हुए है और समुद्र की गहराइयों में छिपी दुनिया आज भी वैज्ञानिकों के लिए पूरी तरह अनसुलझी बनी हुई है। दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना से एक ऐसा ही चौकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अटलांटिक महासागर में आए भीषण तूफान के बाद समुद्र तटों पर लाखों की संख्या में रहस्यमयी समुद्री जीव दिखाई दिए। इस अनोखी घटना ने स्थानीय निवासियों के साथ-साथ वैज्ञानिकों को भी हैरानी में डाल दिया है। यह घटना अर्जेंटीना के चुबुत प्रांत के तटीय शहरों कोमोडोरो रिवादाविया और प्यूर्टो मैड्रिन में देखने को मिली। यहां सुबह जब लोग समुद्र किनारे पहुंचे तो उन्होंने रेत पर हजारों अजीबोगरीब जीवों को रेंगते और तड़पते देखा। दूर-दूर तक फैले इन जीवों को देखकर लोगों में डर का माहौल बन गया। कई लोगों ने इसे किसी रहस्यमयी प्राकृतिक आपदा से जोड़कर देखा। इस दौरान एक स्थानीय नागरिक ने पूरे दृश्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में दिखाई देने वाले जीव बेलनाकार आकार के थे और उनकी बनावट बेहद विचित्र नजर आ रही थी। कई लोग इन्हें देखकर डर गए, क्योंकि इनका रूप सामान्य समुद्री जीवों से बिल्कुल अलग था। इसी बीच समुद्र तट पर एक और अनोखा जीव मिला, जो देखने में छोटे चूहे जैसा दिखाई दे रहा था। उसके शरीर पर घने रेशमी बाल और चमकदार कांटेदार परत मौजूद थी। वैज्ञानिकों ने इसकी पहचान ‘सी माउस’ यानी समुद्री चूहे के रूप में की है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह भी समुद्र में रहने वाला एक दुर्लभ प्रकार का कीड़ा है, जो आमतौर पर समुद्र की गहराई में छिपा रहता है। वैज्ञानिकों ने जांच के बाद बताया कि समुद्र तट पर फैले बेलनाकार जीव वास्तव में ‘स्पून वॉर्म’ नामक समुद्री कीड़े की विशेष प्रजाति हैं। इनका वैज्ञानिक नाम ‘युरिकिस यूनिसिनक्टस’ है। यह जीव सामान्यतः उथले समुद्री इलाकों की रेत में यू आकार की सुरंग बनाकर रहते हैं। इनका शरीर बेहद लचीला और इलास्टिक जैसा होता है, जिससे वे आसानी से रेत के भीतर सुरंग बना लेते हैं। ये मुख्य रूप से प्लवक और बैक्टीरिया खाकर जीवित रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार समुद्र में आए तेज तूफान और ऊंची लहरों के कारण समुद्र की तलहटी में भारी उथल-पुथल मच गई। इसी वजह से रेत में बने इन जीवों के ठिकाने नष्ट हो गए और वे बहकर समुद्र तट तक पहुंच गए। वैज्ञानिकों को इस घटना ने इसलिए भी हैरान किया है, क्योंकि यह प्रजाति सामान्य तौर पर प्रशांत महासागर में पाई जाती है, जबकि इस बार यह अटलांटिक महासागर के तट पर दिखाई दी। सुदामा/ईएमएस 26 मई 2026