राज्य
26-May-2026


- शिवम एसोसिएट्स पर जांच का शिकंजा, हजारों निवेशकों की जमा पूंजी डूबी - 3 प्रतिशत मासिक रिटर्न का लालच, 35 हजार निवेशकों से हजारों करोड़ की ठगी - सीआईडी ने शिवम एसोसिएट्स से जुड़े 17 बैंक खातों को फ्रीज किया बेंगलुरु (ईएमएस)। कर्नाटक में कथित बहु-करोड़ जमा घोटाले ने बड़ा रूप ले लिया है। शिवानंद नीलन्नावर के स्वामित्व वाली शिवम एसोसिएट्स से जुड़े मामले में अब घोटाले की रकम शुरुआती अनुमान से कहीं अधिक होने की आशंका जताई जा रही है। जांच एजेंसियों और वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह घोटाला 6,000 से 7,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। कंपनी के दफ्तरों पर छापेमारी के बाद जिला प्रशासन ने घोटाले का आकार करीब 4,600 करोड़ रुपये आंका था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बैंकिंग माध्यमों से हुए लेनदेन के अलावा बड़ी मात्रा में नकद निवेश भी किया गया था, जिसका पूरा हिसाब अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में घोटाले की वास्तविक रकम और बढ़ सकती है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि 35,000 से अधिक लोगों ने कंपनी में निवेश किया था। इनमें बड़ी संख्या सेवानिवृत्त रक्षा कर्मियों और नकद धन रखने वाले लोगों की बताई जा रही है। निवेशकों को ऊंचे रिटर्न का लालच देकर धन जमा कराया गया। कई लोगों ने अपनी जीवनभर की बचत, भविष्य निधि (पीएफ), सावधि जमा (एफडी) और यहां तक कि संपत्तियां बेचकर प्राप्त धन भी इस योजना में लगा दिया। जांचकर्ताओं के अनुसार, कंपनी पिछले पांच-छह वर्षों से निवेशकों को हर महीने करीब तीन प्रतिशत तक रिटर्न दे रही थी। इसी वजह से लोगों का भरोसा बढ़ता गया और निवेशकों की संख्या लगातार बढ़ती रही। इस दौरान भुगतान में किसी बड़ी चूक की शिकायत भी सामने नहीं आई, जिससे योजना और अधिक विश्वसनीय दिखाई दी। सूत्रों के मुताबिक, शिवानंद नीलन्नावर ने निवेशकों की रकम को रियल एस्टेट, फिल्म उद्योग, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) और क्रिप्टोकरेंसी जैसे क्षेत्रों में लगाया। फिलहाल नीलन्नावर पुलिस हिरासत में है। मामले की जांच कर रही सीआईडी ने शिवम एसोसिएट्स से जुड़े 17 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है और जांच जारी है। रामयश/ईएमएस 26 मई 2026