राज्य
26-May-2026


:: 17.49 करोड़ की लागत से विकसित हुआ आधुनिक परिसर, विकास और मानवीय संवेदना का बना अनूठा मॉडल :: इंदौर/धार (ईएमएस)। धार जिले में विकसित किए जा रहे पी.एम. मित्र पार्क के अंतर्गत प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का कार्य संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ निरंतर प्रगति पर है। परियोजना से प्रभावित कुल 89 परिवारों में से अब तक 48 परिवारों को दो चरणों में (24-24 परिवारों के समूह के रूप में) सफलतापूर्वक नवीन आधुनिक आवासीय कॉलोनी में स्थानांतरित किया जा चुका है। प्रशासन ने शेष 41 परिवारों का पुनर्वास आगामी 3 माह में पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पूर्व में आयोजित एक पुनर्वास कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भी शामिल हो चुकी हैं। सामान्यतः पुनर्वास एवं विस्थापन की प्रक्रियाएं प्रभावितों में असंतोष एवं नाराजगी उत्पन्न करती हैं, किंतु पीएम मित्र पार्क में किया जा रहा यह कार्य देश में एक सकारात्मक एवं प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा है। जिन परिवारों का जीवन अब तक असंगठित एवं मूलभूत सुविधाओं से वंचित वातावरण में व्यतीत हो रहा था, उन्हें अब एक सुव्यवस्थित एवं आधुनिक आवासीय परिसर उपलब्ध कराया गया है। :: 17.49 करोड़ की लागत से मिलीं शहरों जैसी सुविधाएं :: लगभग 17.49 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से विकसित इस पुनर्वास परियोजना के अंतर्गत नवीन कॉलोनी में विकास के तमाम आधुनिक मापदंडों का ध्यान रखा गया है। परिसर में रहने वाले परिवारों के लिए ये सुविधाएं जुटाई गई हैं: मूलभूत व्यवस्थाएं : स्वच्छ पेयजल हेतु हर घर में नल कनेक्शन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी)। सुरक्षा एवं संपर्क : पक्की सड़कें, सुरक्षित एवं पूर्णतः कवर्ड परिसर के साथ ही तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था। स्वास्थ्य व शिक्षा : परिसर के भीतर ही प्राथमिक शिक्षा केंद्र तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना। मनोरंजन : बच्चों एवं परिवारों के मानसिक व शारीरिक विकास के लिए सर्वसुविधायुक्त प्ले ग्राउंड एवं पार्क। इन व्यवस्थाओं से प्रभावित परिवारों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है तथा उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, पीएम मित्र पार्क में स्थापित होने वाले वस्त्र उद्योगों के माध्यम से स्थानीय लोगों के लिए बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। पुनर्वासित परिवारों के युवाओं एवं महिलाओं को निकट भविष्य में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक सशक्त होगी। एमपीआईडीसी द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पुनर्वास केवल स्थान परिवर्तन तक सीमित न रहे, बल्कि प्रभावितों के सामाजिक एवं आर्थिक जीवन में वास्तविक सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बने। :: हितग्राहियों ने कहा- महिलाओं के लिए वरदान है यह कॉलोनी :: शंकर पिता चम्पू (मकान नंबर 38) : सरकार द्वारा दिए गए इन नए मकानों से हमारे जीवन में बहुत अच्छा और बड़ा बदलाव आया है। पक्के मकान में रहने से हमारे परिवार को एक सम्मानजनक जिंदगी मिलेगी। यहाँ मिली आधुनिक सुविधाओं से घर की महिलाओं का श्रम और काम का बोझ काफी कम होगा। सुशीला पिता नन्दा (मकान नंबर 1) : नई कॉलोनी में हम सभी को पक्का मकान देकर सरकार ने बहुत ही सराहनीय कार्य किया है। बड़े महानगरों जैसी सुविधाएं सरकार ने हमको इस परिसर में उपलब्ध कराई हैं। विशेषकर महिलाओं के लिए ये नागरिक सुविधाएं किसी वरदान से कम नहीं हैं। प्रकाश/26 मई 2026