:: कमिश्नर की दोटूक : निर्माण कार्यों में ट्रीटेड वाटर अनिवार्य, अनदेखी की तो रूकेगा काम; वर्षा जल सहेजने के लिए निगम ने झोंकी ताकत :: इंदौर (ईएमएस)।आगामी मानसून को देखते हुए शहर के भूजल स्तर को सुधारने और पानी की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए इंदौर नगर निगम का महाअभियान अब बेहद आक्रामक रूप ले चुका है। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के कड़े रुख के बाद मैदानी स्तर पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग और ट्रीटेड वाटर (शोधित जल) के उपयोग को लेकर चौतरफा घेराबंदी शुरू कर दी गई है। इस दिशा में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए निगम ने शहर की विभिन्न कॉलोनियों और प्रमुख स्थलों पर बने 265 वाटर रिचार्जिंग पिट एवं शाफ़्ट की जियो-टैगिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जबकि 11 अन्य बड़े रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जल संरक्षण के इस अभियान को गति देने के लिए स्मार्ट सिटी कार्यालय में एक महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्रेडाई (CREDAI) के पदाधिकारियों, शहर के नामचीन आर्किटेक्ट्स, बिल्डर्स और कॉलोनाइज़र्स को तलब किया गया था। बैठक में निगमायुक्त सिंघल ने बेहद सख्त लहजे में निर्देश दिए कि शहर में चल रही सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं में केवल और केवल एसटीपी के ट्रीटेड वाटर का उपयोग ही अनिवार्य रूप से किया जाए। कमिश्नर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि औचक निरीक्षण के दौरान किसी भी साइट पर साफ पानी (नर्मदा या नलकूप) का दुरुपयोग पाया गया, तो उस निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाएगा। :: हाइड्रेंट से मिलेगा पानी, बिल्डर्स ने जताई सहमति :: निगम की इस कड़ाई और पर्यावरण हितैषी मुहिम का क्रेडाई ने भी खुलकर समर्थन किया है। क्रेडाई और बिल्डर्स एसोसिएशन ने निर्माण कार्यों में नगर निगम के विभिन्न हाइड्रेंट्स से मिलने वाले ट्रीटेड वाटर का उपयोग करने पर अपनी पूर्ण सहमति जता दी है। इसके बदले में नगर निगम प्रशासन ने भी क्रेडाई को आश्वस्त किया है कि शहर की सभी निर्माण साइट्स के लिए पर्याप्त मात्रा में शोधित जल की उपलब्धता निरंतर सुनिश्चित की जाएगी, ताकि विकास कार्यों की रफ्तार भी न थमे और शहर का अमूल्य पीने का पानी भी बर्बाद न हो। प्रकाश/26 मई 2026