ज़रा हटके
27-May-2026
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लंदन (ईएमएस)। कई बार मां बनने की खुशी महिलाओं के लिए जिंदगी और मौत के बीच की जंग में बदल जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ ब्रिटेन की 32 वर्षीय साराह मिल्स के साथ, जब बेटी को जन्म देते समय उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई। प्रसव के दौरान साराह के शरीर से करीब 5.5 लीटर खून बह गया, जिसके बाद वह कोमा में चली गईं। इस दौरान उन्हें ऐसा महसूस हुआ मानो वह स्वर्ग की ओर जा रही हों। लंदन के हैरिंगे इलाके में रहने वाली साराह ने अपने इस भयावह अनुभव को साझा करते हुए बताया कि उन्हें एक समय लगने लगा था कि अब उनकी मौत निश्चित है। हालांकि उसी पल उन्हें अपनी नवजात बेटी का ख्याल आया और उन्होंने खुद को जिंदगी की ओर वापस लौटता महसूस किया। साराह का कहना है कि मां बनने की भावना और बेटी के लिए जीने की इच्छा ने उन्हें मौत के मुंह से वापस खींच लिया। यह घटना 24 अक्टूबर 2025 की है, जब साराह को इमरजेंसी सी-सेक्शन के लिए अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टरों ने पाया कि उनकी बेटी मायला का हाथ सर्विक्स से बाहर आ चुका था, जिसके कारण तुरंत ऑपरेशन करना जरूरी हो गया। रात करीब 8 बजकर 21 मिनट पर बच्ची का सुरक्षित जन्म हो गया, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद साराह की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें तेज गर्मी महसूस होने लगी और शरीर बेहद कमजोर पड़ गया। स्थिति गंभीर होते देख डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत जनरल एनेस्थीसिया दिया। जांच के दौरान पता चला कि उनके सर्विक्स पर खून का थक्का जम गया था। जैसे ही डॉक्टरों ने उस ब्लड क्लॉट को हटाया, भारी मात्रा में रक्तस्राव शुरू हो गया। कुछ ही समय में उनके शरीर से लगभग 5.5 लीटर खून बह गया, जिसके कारण वह कोमा में चली गईं। डॉक्टरों के मुताबिक इतनी अधिक मात्रा में खून बहना जानलेवा साबित हो सकता था। कोमा से बाहर आने के बाद साराह ने बताया कि उस दौरान उन्हें तेज सफेद रोशनी दिखाई दे रही थी और ऐसा महसूस हो रहा था कि वह स्वर्ग की ओर बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन थिएटर में वह लगातार डॉक्टरों से कह रही थीं कि कुछ बहुत गलत हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह एक “नियर डेथ एक्सपीरियंस” यानी मौत के बेहद करीब पहुंचने का अनुभव था। वैज्ञानिक मानते हैं कि ऐसी स्थिति में दिमाग में विशेष रसायन सक्रिय हो जाते हैं, जिससे व्यक्ति को तेज रोशनी, सुरंग या गहरी शांति जैसी अनुभूतियां होती हैं। सुदामा/ईएमएस 27 मई 2026