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27-May-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत और रूस एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की अतिरिक्त खेप खरीदने पर बातचीत कर रहे हैं। वर्तमान डील अंतिम चरण में है, जबकि भारत अपनी रक्षा आधुनिकीकरण योजना के तहत $25 अरब के प्रस्तावों को मंजूरी दे चुका है। भारत अब हथियारों के लिए किसी एक देश पर निर्भर न रहकर फ्रांस, अमेरिका जैसे देशों से भी खरीद बढ़ा रहा है और मेक इन इंडिया पर जोर दे रहा है, जिससे आत्मनिर्भरता बढ़े। भारत और रूस के बीच बेहद ताकतवर एस-400 लॉन्ग-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (हवाई सुरक्षा प्रणाली) की अतिरिक्त खेप खरीदने को लेकर बातचीत चल रही है। रूस की सरकारी एजेंसी ‘फेडरल सर्विस फॉर मिलिट्री-टेक्निकल कोऑपरेशन’ (एफएसवीटीएस) ने इसकी पुष्टि की है। यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब रूस, भारत के साथ 2018 में हुए पुराने 5.4 अरब डॉलर (लगभग 45,000 करोड़ रुपये) के ऐतिहासिक समझौते को पूरा करने के आखिरी चरण में है। इस डील के तहत भारत को कुल 5 एस-400 सिस्टम मिलने थे, जिनमें से 3 सिस्टम रूस 2023 तक भारत को सौंप चुका है। इसी साल मार्च में भारत के रक्षा मंत्रालय ने 5 और एस-400 सिस्टम, ट्रांसपोर्ट विमान और रिमोट से चलने वाले स्ट्राइक एयरक्राफ्ट (ड्रोन) खरीदने के लिए $25 अरब डॉलर (करीब 2 लाख करोड़ रुपये) के प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। यह कदम भारतीय सेना के आधुनिकीकरण (मॉडर्नाइजेशन) और पुराने हो चुके सोवियत काल के हथियारों पर निर्भरता कम करने की कोशिशों का हिस्सा है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/27/ मई/2026