श्योपुर ( ईएमएस ) | कलेक्टोरेट की जनसुनवाई में जहर खाने वाले बुजुर्ग देवेंद्र गोयल की मौत के बाद बुधवार को भारी हंगामा हुआ। अग्रवाल समाज ने कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के साथ मिलकर जय स्तंभ चौक पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। करीब साढ़े चार घंटे चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन को झुकना पड़ा। कलेक्टर ने तहसीलदार मनीषा मिश्रा को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है, जिसके बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे धरना समाप्त हुआ। मृतक देवेंद्र गोयल मंगलवार सुबह करीब 11 बजे अपनी फरियाद लेकर कलेक्टोरेट की जनसुनवाई में पहुंचे थे। उनका आरोप था कि उनके ही रिश्तेदारों ने उनकी दुकान हड़प ली है। इसे लेकर वे पहले भी कई बार अधिकारियों के चक्कर काट चुके थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस बार भी जब उनकी गुहार नहीं सुनी गई तो आहत होकर उन्होंने कलेक्टोरेट में ही जहर खा लिया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बुधवार सुबह 9 बजे बड़ी संख्या में अग्रवाल समाज के लोग और स्थानीय नागरिक जय स्तंभ पहुंचे। उन्होंने शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। घटना के विरोध में शहर के मुख्य बाजार पूरी तरह बंद रखे गए। मौके पर पहुंचे कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल भी धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब बुजुर्ग ने सुसाइड की बात कही तो तहसीलदार ने झूठ बोला कि कलेक्टर नहीं हैं। विधायक ने एक वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि तहसीलदार मनीषा मिश्रा संवेदनहीनता दिखाते हुए बोल रही थीं कि शराब पीकर आया है, नाटक कर रहा है। इसी मजबूरी में बुजुर्ग ने जान दी।