राज्य
27-May-2026
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- माकपा राज्य समिति की दो दिवसीय बैठक सम्पन्न भोपाल(ईएमएस)। देश में बढ़ती महंगाई, पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमते और घटते रोजगार और कृषि संकट मोदी सरकार की जनविरोधी और कारपोरेटपरस्त नीतियों का परिणाम हैl उनके लिए युद्ध या अंतर्राष्ट्रीय हालात को दोष देना खुद की असफलताओं को छुपाना है। क्योंकि ज़ब दुनिया बहु ध्रुवीय हो रही है तब भी मोदी सरकार बजाय भारत के हितों को प्राथमिकता देने की बजाय अमेरिकी सम्राज्यवाद की पिट्ठू जैसी बनकर काम कर रही हैl ब्रिक्स, जिसकी अध्यक्षता इसके पास है, की दो बैठकों में भारत की मोदी सरकार के कारण ही साझा बयान जारी नहीं हो पाया हैl मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलिट ब्यूरो के सदस्य आर अरुण कुमार ने पार्टी की मध्यप्रदेश इकाई की राज्य समिति को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार आरएसएस के मनुवादी एजेंडे को तेजी से लागू कर रही है, जिसके परिणामस्वरुप संविधान, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्ष और संघीय ढांचे को वास्तविक खतरे पैदा हो रहे हैंl मोदी सरकार अब तानाशाही से आगे फासीवाद के रास्ते पर चल निकली हैl अरुण कुमार ने कहा इसके खिलाफ लड़ने के दो ही रास्ते हैं l एक तो जनता के बीच जाकर अपनी स्वतंत्र ताकत को बढ़ाना होगा और दूसरा सभी वामपंथी जनवादी ताकतों को एकजुट करना होगा। उन्होंने पार्टी केंद्रीय कमेटी के राजनीतिक अभियान को व्यापक पैमाने पर चलाने का आव्हान किया। मप्र में माकपा 1 जून से 15 जून तक सघन जन अभियान छेड़ेगी। उन्होने कहा कि हाल के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में केरल में वामपंथी जनवादी मोर्चे की हार यदि जनावादी ताकतों के लिए धक्का है तो पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के बढ़ते खतरे का प्रतीक हैl हालांकि यह जीत सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने के साथ ही, कारपोरेट से मिले धन के दुरूपयोग, चुनाव आयोग की भाजपा के सहयोगी की भूमिका, केंद्रीय बलों और जाँच एजेंसीयों का विरोधी दलों के खिलाफ इस्तेमाल, एस आई आर और भ्रष्ट और बदनाम हो चुकी ममता सरकार के खिलाफ जनता की नाराजगी के चलते हुआ हैl हरि प्रसाद पाल /27 मई, 2026