--एएमयू के सामाजिक कार्य विभाग अध्ययन की टीम हाथरस (ईएमएस)। जल जीवन मिशन के तहत संचालित “हर घर नल, हर घर जल” योजना ने ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। एएमयू के सामाजिक कार्य विभाग द्वारा किए गए अध्ययन में सामने आया है कि योजना के चलते ग्रामीणों का समय बचा है और जलजनित बीमारियों में भी कमी आई है।अध्ययन के अनुसार पहले ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को हैंडपंप से पानी लाने में प्रतिदिन कई घंटे खर्च करने पड़ते थे, लेकिन अब घरों तक नल से जल पहुंचने के कारण समय की बचत हो रही है। साथ ही जल सखियों द्वारा हर महीने पानी की गुणवत्ता की जांच किए जाने से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।जल जीवन मिशन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को की थी। योजना का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 55 लीटर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार ने योजना के प्रभावों के अध्ययन की जिम्मेदारी एएमयू को सौंपी थी।सामाजिक कार्य विभाग के अध्यक्ष प्रो. इकराम हुसैन के नेतृत्व में तथा यूपी जल निगम (ग्रामीण) के कार्यकारी अभियंता मोहित कुमार के समन्वय में 14 मई से 25 मई 2026 तक जनपद के विभिन्न गांवों में अध्ययन किया गया। अध्ययन में मुख्य अन्वेषक डॉ. मोहम्मद आरिफ खान, सह अन्वेषक डॉ. मोहम्मद ताहिर, रिसर्च असिस्टेंट डॉ. ताहा और मोहम्मद समीर खान सहित टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे। ईएमएस/ नीरज चक्रपाणी/ 27 मई 2026