राज्य
27-May-2026
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:: लोकायुक्त इंदौर की बड़ी कार्रवाई : धामनोद बायपास के ढाबे पर बिछाया जाल, एक लाख रुपये पहले ही हड़प चुका था आरोपी :: इंदौर/खरगोन (ईएमएस)। लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए खरगोन जिले के मंडलेश्वर स्थित शासकीय महाविद्यालय में पदस्थ सहायक प्राध्यापक आत्माराम सोलंकी को 50 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी प्राध्यापक पर एक महिला सहायक प्राध्यापक की पोस्टिंग धार कॉलेज में कराने के एवज में कुल 4 लाख रूपये की मोटी रकम मांगने का आरोप है। लोकायुक्त की टीम ने यह पूरी कार्रवाई धामनोद बायपास स्थित मधुबन ढाबे पर अंजाम दी। लोकायुक्त उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) सुनील तालान के अनुसार, इंदौर जिले के मानपुर निवासी मनोज वास्केल ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से इस मामले की शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी पत्नी उर्मिला वास्कले का चयन म.प्र. लोक सेवा आयोग के माध्यम से सहायक प्राध्यापक पद पर हुआ था और उनकी प्रारंभिक पोस्टिंग मंदसौर जिले के दलौदा कॉलेज में हुई थी। आरोपी आत्माराम सोलंकी ने दावा किया था कि उसने ही प्रभाव का इस्तेमाल कर उर्मिला की पोस्टिंग उनके निवास के पास धार कॉलेज में करवाई है और इसके बदले वह लगातार 4 लाख रूपये की मांग कर रहा था। :: एक लाख पहले ही हड़पे, 50 हजार रू. की किश्त लेते पकड़ाया :: शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपी प्राध्यापक सोलंकी पहले ही ₹1 लाख की राशि ले चुका था और बाकी के पैसों के लिए लगातार फोन पर दबाव बना रहा था। लोकायुक्त टीम ने जब शिकायत का सत्यापन कराया, तो रिश्वत मागे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद बुधवार को ट्रैप की योजना बनाई गई। आरोपी ने घूस की अगली किश्त के रूप में 50 हजार रूपये लेकर शिकायतकर्ता को धामनोद बायपास के मधुबन ढाबे पर बुलाया था। जैसे ही आरोपी ने पैसे हाथ में लिए, पहले से मुस्तैद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों दबोच लिया। :: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज :: कार्रवाई के बाद लोकायुक्त की टीम आरोपी प्राध्यापक को खलघाट रेस्ट हाउस लेकर पहुंची, जहां कागजी और वैधानिक औपचारिकताएं पूरी की गईं। लोकायुक्त के अनुसार, आरोपी आत्माराम सोलंकी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। इस सफल ट्रैप कार्रवाई में डीएसपी सुनील तालान के साथ कार्यवाहक प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा, आरक्षक विजय कुमार, कमलेश परिहार, रामेश्वर निगवाल, आशीष नायडू और प्रभात मोरे शामिल रहे। इस कार्रवाई से उच्च शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रकाश/27 मई 2026