राज्य
27-May-2026
...


:: बिजलपुर जल नियंत्रण केंद्र का औचक निरीक्षण; अधिकारियों को सख्त निर्देश- पेयजल आपूर्ति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, लीकेज का तुरंत हो निराकरण :: इंदौर (ईएमएस)। शहर में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और जल संकट की आशंकाओं को देखते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने खुद कमान संभाल ली है। पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त रखने के उद्देश्य से महापौर ने बुधवार को बिजलपुर स्थित मुख्य जल नियंत्रण केंद्र (वाटर कंट्रोल रूम) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शहर की जलापूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को बेहद सख्त लहजे में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। महापौर भार्गव ने जल नियंत्रण केंद्र पहुंचकर शहर की विभिन्न पानी की टंकियों की वास्तविक स्थिति, कुल जल भंडारण क्षमता, वितरण व्यवस्था और अलग-अलग क्षेत्रों में की जा रही सप्लाई के समय की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने मौजूद अधिकारियों से दोटूक कहा कि इस झुलसा देने वाली गर्मी में नागरिकों को निर्बाध और तय समय पर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल प्रदाय में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। :: पार्षदों को लगाया फोन, जाना वार्डों का हाल :: निरीक्षण के दौरान महापौर ने एक संवेदनशील पहल करते हुए कंट्रोल रूम से ही शहर के विभिन्न वार्डों के पार्षदों से दूरभाष पर सीधे चर्चा की। उन्होंने पार्षदों से उनके वार्डों में जल वितरण की जमीनी स्थिति, नागरिकों की मांग और क्षेत्रीय समस्याओं का फीडबैक लिया। पार्षदों से मिली जानकारी के आधार पर महापौर ने तुरंत निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों से कम दबाव (लो-प्रेशर) से पानी मिलने या जलापूर्ति बाधित होने की शिकायतें आ रही हैं, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। :: तकनीकी खराबी और लीकेज पर त्वरित एक्शन के निर्देश :: महापौर ने मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरी जल वितरण प्रणाली पर सतत और चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए। यदि कहीं भी पाइप लाइन लीकेज, मोटर खराबी, बिजली गुल होने या अन्य कोई तकनीकी समस्या सामने आती है, तो उसका त्वरित निराकरण किया जाए ताकि सप्लाई प्रभावित न हो। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इस मौसम में पूर्ण संवेदनशीलता और तत्परता के साथ ड्यूटी करने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पानी की टंकियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जिन प्रभावित या दूरस्थ क्षेत्रों में पाइप लाइन नहीं है, वहां आवश्यकतानुसार नगर निगम के टैंकरों के माध्यम से तुरंत पेयजल पहुंचाया जाए ताकि शहरवासियों को इस भीषण गर्मी में पानी के लिए परेशान न होना पड़े। प्रकाश/27 मई 2026