30-May-2026
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-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी -पेड़ और बिजली पोल गिरे, सीमा से सटे इलाकों में सबसे अधिक असर जयपुर,(ईएमएस)। राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में शनिवार को आए भीषण रेतीले तूफान ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़ और सीकर जिलों में दोपहर के समय तेज रेतीला बवंडर उठने से दिन में ही अंधेरे जैसी स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि इसका प्रभाव लगभग 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में देखा गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रेतीले तूफान की शुरुआत हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर क्षेत्र से हुई, जिसके बाद यह तेजी से आसपास के जिलों में फैल गया। इस दौरान 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। धूल और रेत के घने गुबार के कारण दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे लोगों को दिन के समय भी वाहनों की हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। तूफान के वीडियो हुए वायरल तूफान के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें लोग तेज हवाओं और धूल से बचने के लिए घरों और दुकानों की ओर भागते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतना व्यापक और घना रेतीला तूफान नहीं देखा। कुछ लोगों के अनुसार धूल का गुबार 80 से 100 फीट तक ऊंचा दिखाई दे रहा था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पेड़े जड़ से उखड़े तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ जड़ समेत उखड़ गए और बिजली के खंभों को भी नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए रखी है। राहत की बात यह है कि समाचार लिखे जाने तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह रेतीला तूफान पाकिस्तान की ओर से उठी धूलभरी हवाओं के प्रभाव के कारण राजस्थान के सीमावर्ती जिलों तक पहुंचा। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने, अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी है। अगले कुछ घंटों तक क्षेत्र में तेज हवाओं और मौसम में बदलाव की संभावना बनी हुई है। हिदायत/ईएमएस 30मई26