व्यापार
31-May-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत ने अप्रैल 2026 के दौरान इलेक्ट्रिक कारों की मांग (पेनेट्रेशन) के मामले में अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया है। पिछले महीने इलेक्ट्रिक कारों की भारत में जबर्दस्त बिक्री हुई। वाहन रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल महीने में भारत में बिकने वाली कुल नई कारों में से 5.8 प्रतिशत इलेक्ट्रिक थीं। यह आंकड़ा मार्च 2026 के 5.1 प्रतिशत और पिछले साल अप्रैल के सिर्फ 3.7 प्रतिशत से काफी अधिक है। नए-नए मॉडलों के बाजार में आने से इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में यह तेजी स्पष्ट रूप से देखी जा रही है। इसके विपरीत, दुनिया के दूसरे सबसे बड़े कार बाजार अमेरिका में बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी गिरकर 5.1 प्रतिशत पर आ गई। इस तरह, प्रतिशत के मामले में भारत ने इस बार अमेरिका को पछाड़कर बाजी मार ली है। हालांकि, अगर कुल बिक्री के आंकड़ों की बात करें तो भारत अभी भी अमेरिका से काफी पीछे है, क्योंकि अमेरिका का कुल कार बाजार भारत से लगभग तीन गुना बड़ा है। अप्रैल में भारत में लगभग 23,500 इलेक्ट्रिक कारें बिकीं, जबकि अमेरिका में इसी दौरान लगभग 70,000 इलेक्ट्रिक कारें बेची गईं। अमेरिका में एलन मस्क की कंपनी टेस्ला सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कारें बेच रही है, उसके बाद जनरल मोटर्स, फोर्ड और हुंडई जैसी कंपनियां हैं। भारत में पूरी कहानी देसी कंपनियों के इर्द-गिर्द घूम रही है, जहाँ टाटा मोटर्स का दबदबा कायम है। टाटा ने अप्रैल में 8,543 गाड़ियां बेचकर सालाना आधार पर 92 प्रतिशत की भारी बढ़त दर्ज की। दूसरे स्थान पर महिंद्रा एंड महिंद्रा रही, जिसने 5,413 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं, जबकि तीसरे पायदान पर जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने 5,006 गाड़ियां बेचीं। वियतनाम की विनफास्ट और भारत की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी ने भी लगभग 1,232-1,232 कारें बेचीं। भारतीय ग्राहकों का इलेक्ट्रिक कारों की तरफ यह झुकाव अचानक नहीं बढ़ा है। इसके पीछे मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध जैसे अंतरराष्ट्रीय कारण भी काम कर रहे हैं, जिससे पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की आशंका थी और यह सच भी साबित हुआ है, क्योंकि सरकारी तेल कंपनियों ने मई महीने में चौथी बार ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। सुदामा/ईएमएस 31 मई 2026