क्षेत्रीय
31-May-2026
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* 5 पर 21 दिन का विक्रय प्रतिबंध * 1 दुकान पर रोक * 56 बोरी यूरिया जप्त * कलेक्टर ने पारदर्शिता और सख्त निगरानी के दिए निर्देश कोरबा (ईएमएस) खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों के मद्देनजर कोरबा जिले में खाद-बीज वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। कोरबा जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर जिलेभर में उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण, निगरानी और समीक्षा बैठक के माध्यम से व्यापक कार्यवाही की गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त खाद-बीज उपलब्ध कराना तथा कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमितताओं पर रोक लगाना है। 29 मई को किए गए निरीक्षण में कुल 18 उर्वरक दुकानों की जांच की गई, जिनमें से 6 दुकानों में अनियमितता पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। एक दुकान पर विक्रय प्रतिबंध लगाया गया, वहीं सिरली (पाली) स्थित दूकान से अवैध रूप से भंडारित 56 बोरी यूरिया जप्त की गई। कृषि विभाग के उप संचालक डी.पी.एस. कंवर ने बताया कि 1 अप्रैल से अब तक जिले के 115 सहकारी एवं निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इस दौरान 28 दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं तथा 5 निजी दुकानों पर 21 दिनों के लिए विक्रय प्रतिबंध लगाया गया है। विभाग द्वारा खरीफ 2026 के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सहकारी समिति प्रबंधकों एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं की समीक्षा बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि खाद वितरण में पूर्ण पारदर्शिता और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को निर्धारित मानकों के अनुसार पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में खरीफ 2026 के लिए रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा किसानों की आवश्यकता अनुसार खाद उपलब्ध कराने के लिए विभाग सतत निगरानी कर रहा है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि उर्वरकों के भंडारण, परिवहन एवं विक्रय में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और वास्तविक भंडार में अंतर, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर विक्रय, बिना लाइसेंस उर्वरक वितरण, अनुदान प्राप्त खाद का दुरुपयोग तथा अनुचित स्थानों पर भंडारण जैसी अनियमितताओं पर विशेष नजर रखी जा रही है और दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने समिति प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वे पंजीकृत किसानों से संपर्क कर उन्हें अग्रिम खाद उठाव के लिए प्रोत्साहित करें तथा वितरण प्रक्रिया में गति लाएं। उन्होंने कहा कि समितियों में उपलब्ध उर्वरकों का वितरण शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं मात्रा के अनुसार पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाए, जिससे शिकायत की कोई स्थिति उत्पन्न न हो। निजी उर्वरक विक्रेताओं को भी सख्त निर्देश दिए गए कि वे उर्वरकों के विक्रय में शासन द्वारा निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करें। किसी भी प्रकार की अवैध जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा अनियमितता पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों पर दबाव डालकर उर्वरकों के साथ अन्य सामग्री जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व, रसायन, बीज या कीटनाशक की टैगिंग बिक्री पर भी रोक लगाई गई है। कलेक्टर ने खरीफ सीजन के लिए उर्वरक वितरण की विशेष व्यवस्था तय करते हुए निर्देश दिए कि सीमांत किसानों को पिछले वर्ष वितरित यूरिया की 80 प्रतिशत एवं डीएपी की 60 प्रतिशत मात्रा एकमुश्त दी जाए। लघु किसानों को यूरिया दो किश्तों में तथा बड़े किसानों को तीन किश्तों में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए, ताकि पूरे सीजन में खाद की उपलब्धता बनी रहे। किसानों की सुविधा एवं शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हेल्पलाइन नंबर सभी सहकारी समितियों एवं संबंधित संस्थानों में प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं, ताकि किसानों को समय पर सहायता मिल सके। साथ ही धान खरीदी वर्ष 2025-26 के लिए पंजीकृत किसानों, किसान पुस्तिका एवं भू-अधिकार पुस्तिका धारकों की यूआरडी सूची में शत-प्रतिशत आधार सीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। समितियों को अपने गोदामों में उपलब्ध उर्वरकों की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे खाद खरीदते समय दुकानदार से पक्का बिल अवश्य लें। यदि कोई दुकानदार निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूलता है या बिल देने से इंकार करता है, तो इसकी शिकायत तत्काल संबंधित विकासखंड कृषि अधिकारी या जिला कंट्रोल रूम में दर्ज कराएं। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में उर्वरक दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण और कठोर निगरानी अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा, ताकि किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराई जा सके। बैठक में उप संचालक कृषि डी.पी.एस. कंवर, उप पंजीयक सहकारी संस्थान एम. मिंज, डीएमओ ऋतु राज देवांगन, सहायक नोडल सहकारी केंद्रीय बैंक मुकेश कुमार पटेल सहित सभी सहकारी समिति प्रबंधक, निजी उर्वरक विक्रेता एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। - 31 मई