नई दिल्ली (ईएमएस)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ रहे असर के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि भारत में खाद्यान्न, खाद्य तेल और उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सरकार ने कहा है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और कीमतों की लगातार निगरानी की जा रही है तथा फिलहाल किसी तरह की कमी या असामान्य मूल्य वृद्धि की स्थिति नहीं है। नई दिल्ली में आयोजित अंतर-मंत्रालयी बैठक में अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय पूल में गेहूं और चावल का भंडार निर्धारित बफर मानकों से काफी अधिक है। सरकार के अनुसार 28 मई तक गेहूं का भंडार 513 लाख मीट्रिक टन और चावल का भंडार 397 लाख मीट्रिक टन रहा, जो खाद्य सुरक्षा योजनाओं और बाजार हस्तक्षेप के लिए पर्याप्त है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता मजबूत और स्थिर बनी हुई है। उर्वरक विभाग के अनुसार देश में मौजूदा उर्वरक भंडार आवश्यकता से अधिक है और कुल मांग का 50 प्रतिशत से ज्यादा स्टॉक पहले से उपलब्ध है। घरेलू उत्पादन और आयात के जरिए आपूर्ति को लगातार मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि खाद्य तेलों की आपूर्ति भी सामान्य बनी हुई है। इंडोनेशिया, मलेशिया, रूस, यूक्रेन, अर्जेंटीना और ब्राजील जैसे देशों से आयात जारी है। सरकार ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद देश की खाद्य और उर्वरक सुरक्षा पूरी तरह नियंत्रण में है तथा किसानों और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। सुबोध/०१-०६-२०२६