नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय संबंधों को लेकर सोमवार को नई दिल्ली में उच्चस्तरीय वार्ता हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग के साथ सीमा सुरक्षा, शरणार्थियों की आवाजाही और सशस्त्र समूहों की गतिविधियों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री ने भारत-म्यांमार सीमा के आसपास सक्रिय उग्रवादी और सशस्त्र संगठनों की गतिविधियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इनका असर भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों और स्थानीय समुदायों पर पड़ रहा है। बैठक में दोनों नेताओं ने सीमा प्रबंधन को और मजबूत बनाने, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने तथा शरणार्थियों से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री ने म्यांमार में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनके हितों की रक्षा का मुद्दा भी उठाया। दोनों देशों के बीच संपर्क परियोजनाओं, व्यापार, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा साइबर अपराध, मानव तस्करी और ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त प्रयासों को तेज करने पर जोर दिया गया। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब म्यांमार आंतरिक संघर्ष और राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रहा है। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह पड़ोसी देश के साथ संवाद और सहयोग की नीति जारी रखेगा, क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता दोनों देशों के साझा हितों से जुड़ी हुई है सुबोध/०१-०६-२०२६