क्षेत्रीय
02-Jun-2026
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- उच्च शिक्षा में लागू होगी डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली, 40:60 के नए परीक्षा पैटर्न पर विचार इंदौर (ईएमएस)। मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग और डिजी के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को इंदौर के मेरियट होटल में “डिजी100x मध्य प्रदेश समिट” का भव्य आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण समिट का शुभारंभ प्रदेश के उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने किया। इस दौरान अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन और उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिपाहा सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरु, कुलसचिव और शिक्षाविद उपस्थित रहे। समिट का मुख्य उद्देश्य डिजिटल नवाचारों के माध्यम से उच्च शिक्षा की प्रशासनिक और शिक्षण व्यवस्था को पारदर्शी और आधुनिक बनाना है। अपने उद्बोधन में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल इवैल्यूएशन प्रणाली पर विशेष बल दिया। उन्होंने घोषणा की कि विभाग अब उत्तर पुस्तिकाओं के शत-प्रतिशत डिजिटल वैलिडेशन की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। इसके साथ ही, विद्यार्थियों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को देखते हुए अपार आईडी (APAAR ID) तैयार की जा रही है और उन्हें बहुभाषी शिक्षा देने के लिए तमिल, तेलुगु, मराठी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं में नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं। - सार्थक ऐप से लगेगी उपस्थिति, बदलेगा आंतरिक मूल्यांकन का गणित समिट के दौरान उच्च शिक्षा के बदलते शैक्षणिक परिवेश को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई। अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने बताया कि कॉलेजों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विभाग जल्द ही ‘सार्थक ऐप’ आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू करने के प्रयास कर रहा है। इसके अलावा, उन्होंने वर्तमान परीक्षा प्रणाली में एक बड़े बदलाव का संकेत देते हुए कहा कि अभी लागू 30 प्रतिशत आंतरिक मूल्यांकन (इंटरनल) और 70 प्रतिशत लिखित परीक्षा के अनुपात को बदलकर अब 40:60 करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों की सालभर की शैक्षणिक सहभागिता को अधिक महत्व मिल सके। - कॉलेजों में शुरू हुए एआई सर्टिफिकेट कोर्स उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिपाहा ने समिट में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को समय की मांग बताया। उन्होंने जानकारी दी कि विद्यार्थियों को एआई तकनीकों से जोड़ने के लिए प्रदेश के महाविद्यालयों में विशेष सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। समिट के दौरान तकनीकी विशेषज्ञों ने स्मार्ट प्रशासन, ऑनलाइन मूल्यांकन, और डेटा आधारित प्रबंधन जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि एआई टूल्स के रचनात्मक और नैतिक उपयोग से ही उच्च शिक्षा को अधिक विद्यार्थी-केंद्रित और भविष्य उन्मुख बनाया जा सकता है। प्रकाश/01 जून 2026