- हाथी की मौत को छिपाने के लिए जेसीबी से खोदा गड्ढा - शव दफनाने के आरोप में मालिक समेत 3 गिरफ्तार भुवनेश्वर (ईएमएस)। ओडिशा के ढेंकानाल जिले के हिंडोल वन क्षेत्र से वन्यजीव संरक्षण कानूनों को ताक पर रखने का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक मकना हाथी (बिना दांत वाले नर हाथी) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसके शव को गुपचुप तरीके से एक आम के बाग में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। वन विभाग ने इस सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश करते हुए बाग मालिक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बाग मालिक प्रमोद कुमार राज (64 वर्ष), चौकीदार राजीब चौधरी (38 वर्ष) और जेसीबी चालक सुधीर भाटिया (28 वर्ष) के रूप में हुई है। अनुगुल सर्किल के क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) संजय स्वैन ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में मृत हाथी की गर्दन और सूंड पर गहरे काले निशान पाए गए हैं। ये निशान स्पष्ट रूप से करंट लगने की ओर इशारा करते हैं। वन विभाग का अनुमान है कि हाथी संभवतः आम खाने के लालच में इस बाग में घुस आया था। बाग की सुरक्षा के लिए चारों तरफ सोलर फेंसिंग (सौर बाड़) लगाई गई थी, लेकिन आरोपियों ने कथित तौर पर उसमें अवैध रूप से हाई-वोल्टेज बिजली का कनेक्शन जोड़ रखा था। इसी घातक तार की चपेट में आने से बेजुबान हाथी की तड़पकर मौत हो गई। वन अधिकारियों के मुताबिक, हाथी की मौत शुक्रवार को ही हो गई थी, जिसे छिपाने के लिए आरोपियों ने आनन-फानन में जेसीबी मशीन बुलाकर शव को बाग के भीतर ही गहरे गड्ढे में दफन कर दिया। हालांकि, वन विभाग को अपने मुखबिरों से इस बात की गुप्त सूचना मिल गई। सूचना मिलते ही वन अधिकारियों की एक विशेष टीम मौके पर पहुंची और भारी खुदाई मशीन की मदद से जमीन के अंदर से हाथी के शव को बाहर निकाला। वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत की वास्तविक और वैज्ञानिक वजह साफ हो सकेगी। वन विभाग ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न कड़ी और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है। इस चौंकाने वाली घटना ने एक बार फिर इंसानों और हाथियों के बीच बढ़ते संघर्ष तथा फसलों व बागों की सुरक्षा के नाम पर अपनाए जा रहे जानलेवा व अवैध तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रामयश / ईएमएस 02 जून 2026