इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता की एकलपीठ ने नेहरूनगर से जंजीरवाला चौराहा तक सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे एक मकान को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते उसकी तोड़फोड़ पर रोक लगाने के साथ याचिका कर्ता को निगम बिल्डिंग अधिकारी के समक्ष 5 जून तक जवाब पेश करने का निर्देश देते बिल्डिंग अधिकारी को जवाब पर एक सप्ताह में निर्णय लेने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि निगम का आदेश उनके खिलाफ होता है तो उस स्थिति में आदेश पारित होने के बाद सात दिनों तक उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी। हाइकोर्ट में यह याचिका रोहित उज्जैनी की ओर से एडवोकेट मनीष यादव ने दायर की है, उनके अनुसार नेहरूनगर निवासी रोहित उज्जैनी को नगर निगम ने सड़क चौड़ीकरण हेतु उनका मकान तोड़ने के लिए 25 मई को नोटिस जारी किया था। इसके पहले ही वे 7 मई को निगम को जवाब दे चुके थे, लेकिन निगम ने कोई फैसला नहीं लिया और दूसरा नोटिस जारी कर दिया। उन्हें सुनवाई का अवसर नहीं दिया जा रहा था। इस पर याचिका दायर कर कोर्ट से निवेदन किया था जिस पर सुनवाई दौरान कोर्ट को पूर्व में जारी नोटिस और जवाब की जानकारी दी गई। इस पर निगम के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि उन्हें सुनवाई का अवसर पहले भी दिया गया था और कोर्ट का आदेश होगा तो एक बार और मौका दे देंगे। इसके बाद कोर्ट ने आदेश पारित किया कि रोहित उज्जैनी 5 जून को सुबह 11 से 2 बजे के बीच निगम के बिल्डिंग अधिकारी के समक्ष जवाब पेश करें। जिस पर निगम तर्कसंगत और सकारण आदेश पारित करे। आनंद पुरोहित/ 02 जून 2026