क्षेत्रीय
02-Jun-2026
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झाबुआ (ईएमएस)जिले के वन परिक्षेत्र थांदला अंतर्गत रूपगढ़ के आरक्षित वन क्षेत्र में नीलगाय के शिकार प्रकरण में फरार चल रहे एक आरोपी को वन विभाग द्वारा गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है, किंतु अन्य आरोपित अभी भी फरार हैं। वन विभागीय जानकारी अनुसार मामले में अन्य आरोपियों की तलाश एवं शिकार में प्रयुक्त हथियार तथा वाहनों की बरामदगी के लिए कार्यवाही जारी है। उल्लेखनीय है कि नीलगाय वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-2 के अंतर्गत संरक्षित वन्यजीव है, जिसका पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान है। उक्त प्रकरण में जानकारी देते हुए वन परिक्षेत्र अधिकारी थांदला तोलाराम हटिला ने मंगलवार को बताया कि वन विभाग को 9-10 मई 2026 की रात्रि में मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम गोपालपुरा के जंगल क्षेत्र में कुछ व्यक्ति बंदूक लेकर मोटरसाइकिलों से घूम रहे हैं। सूचना प्राप्त होते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में वन परिक्षेत्र थांदला एवं पेटलावद का संयुक्त वन अमला बीट रूपगढ़ के आरक्षित वन क्षेत्र में निगरानी हेतु पहुंचा। इसी दौरान रात्रि में दो बार गोली चलने की आवाज सुनाई दी, और जब वन अमला मौके की ओर बढ़ा तो शिकारी वन विभाग का वाहन देखकर जंगल में भाग निकले, किंतु पीछा करने के दौरान शिकारियों की मोटरसाइकिल दलदली क्षेत्र में फंस गई, जिसे छोड़कर आरोपी फरार हो गए। जांच में उक्त मोटरसाइकिल क्रमांक MP-45-ZH-8931 आरोपी सुनील मैड़ा के नाम दर्ज पाई गई, जिसे वन विभाग ने जब्त कर लिया, और अगले दिन सुबह वन अमले द्वारा क्षेत्र की सघन तलाशी लेने पर माही नहर पुलिया के समीप राजस्व भूमि में एक मादा नीलगाय मृत अवस्था में पड़ी मिली। पशु चिकित्सक द्वारा किए गए परीक्षण में नीलगाय के शरीर पर बंदूक के छर्रों से लगे घाव पाए गए। आवश्यक फॉरेंसिक नमूने एकत्रित कर वनमंडलाधिकारी झाबुआ की उपस्थिति में नियमानुसार शव का अंतिम संस्कार किया गया। हटीला के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से वन्यजीवों के आवागमन क्षेत्र में घात लगाकर शिकार किया था। मामले में वन अपराध क्रमांक 2013/21 एवं रेंज केस क्रमांक 19/2026 दिनांक 10 मई 2026 के अंतर्गत आरोपी सुनील पुत्र कालु मैड़ा निवासी मोइवागेली, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपी सुनील मैड़ा को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए।जहां से उसे जेल भेज दिया गया। ईएमएस/ डॉ. उमेश चन्द्र शर्मा/2/6/2026/