:: रामा में सचिवों-पटवारियों की समीक्षा बैठक; जल जीवन मिशन को सर्वोच्च प्राथमिकता और फार्मर आईडी का काम समय पर पूरा करने के निर्देश :: झाबुआ (ईएमएस)। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने मंगलवार को रामा में क्षेत्र के सचिवों और पटवारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने शासन की प्राथमिकताओं और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर कड़ा रुख अख्तियार किया। कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि आमजन की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनना और उनका समय पर निराकरण करना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी कर्मचारियों को अपने मुख्यालय पर नियमित रूप से उपस्थित रहने और गांवों का सतत भ्रमण कर जनता से सीधे संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए। राजस्व व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पटवारियों को फार्मर आईडी का कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर भूमि अभिलेखों का सत्यापन किया जाए। जमीन संबंधी विवादों और अतिक्रमण के प्रकरणों का त्वरित निपटारा करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि गरीबों की भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल संरक्षण और जल जीवन मिशन को जिले की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कलेक्टर ने क्षेत्र में बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को तत्काल चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों में पानी समितियों को सक्रिय किया जाए और जल शुल्क (वॉटर टैक्स) संग्रहण के साथ-साथ रखरखाव की मजबूत व्यवस्था बनाई जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सभी शासकीय भवनों में वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) सिस्टम विकसित करने और मनरेगा के माध्यम से जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही। आगामी मानसून को देखते हुए बैठक में आपदा प्रबंधन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जोखिम वाले जलभराव वाले स्थलों पर विशेष निगरानी रखने, संभावित जनहानि को रोकने के लिए पुख्ता उपाय करने और राहत राशि के प्रकरणों में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने को कहा। साथ ही, ग्रामीण अंचलों में सर्पदंश (सांप काटने) से होने वाली मौतों को रोकने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने और अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम (सांप काटने की दवा) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग को भी निर्देशित किया गया कि वे स्कूलों और छात्रावासों में बच्चों की उपस्थिति, सुरक्षा और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जितेन्द्रसिंह चौहान और झाबुआ एसडीएम महेश मंडलोई सहित संबंधित विभागों के जिला अधिकारी, मैदानी कर्मचारी, सचिव और पटवारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रकाश/02 जून 2026