:: सीएमएचओ और जिला टीकाकरण अधिकारी ने किया औचक निरीक्षण; शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने और घर-घर जाकर टीकाकरण के निर्देश :: झाबुआ (ईएमएस)। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेन्द्र भायल एवं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. जी.एस. चौहान ने मंगलवार को रामा विकासखंड के विभिन्न अस्पतालों और उपस्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अफसरों ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना और परिवार नियोजन कार्यक्रमों की जमीनी हकीकत जानी। अफसरों ने दो टूक निर्देश दिए कि मरीजों के इलाज में कोई लापरवाही न हो और गंभीर मरीजों को तुरंत बड़े अस्पताल रेफर करने की पुख्ता व्यवस्था रखी जाए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामा के निरीक्षण में मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेश बाबेरिया की मौजूदगी में आयुष्मान कार्ड निर्माण की समीक्षा की गई। अफसरों ने शत-प्रतिशत पात्र लोगों के कार्ड बनाने के निर्देश दिए। अस्पताल में साफ-सफाई और पानी की व्यवस्था बेहतर मिली। समीक्षा में सामने आया कि बीते एक महीने में अस्पताल में रिकॉर्ड 192 संस्थागत प्रसव कराए गए और 36 महिलाओं को आईयूसीडी (कॉपर-टी) लगाई गई। अफसरों ने लेबर रूम, ओपीडी, आईपीडी और दवा स्टॉक का मिलान कर भर्ती माताओं को जन्म के एक घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान कराने की समझाइश दी। इसके बाद अफसरों की टीम उपस्वास्थ्य केंद्र माछलिया पहुंची। वहां गर्भवती महिलाओं की जांच कर उन्हें चार एएनसी जांच समय पर कराने और हाई रिस्क (जोखिम वाली) गर्भवती महिलाओं की सूची दीवार पर प्रदर्शित करने के निर्देश सीएचओ को दिए गए। उपस्वास्थ्य केंद्र भुराडाबरा में चल रहे टीकाकरण सत्र की जांच में पाया गया कि 36 में से केवल 6 बच्चों का ही टीका लगा था। इस पर नाराजगी जताते हुए अफसरों ने एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे घर-घर दस्तक देकर छूटे हुए बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण पूरा करें। सभी अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणन के लिए तैयार रहने और बायोमेडिकल वेस्ट का सही निपटारा करने की हिदायत दी गई। प्रकाश/02 जून 2026