हरिद्वार (ईएमएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित संघ शिक्षा वर्ग द्धसामान्यऋ विद्यार्थी-2026 का आयोजन सरस्वती विद्या मन्दिर, सेक्टर-2, रानीपुर, हरिद्वार में 28 मई से 13 जून 2026 तक किया जा रहा है। वर्ग में उत्तराखण्ड के सभी 13 जनपदों से 9 वीं कक्षा से 12 वीं कक्षा तक के चयनित 304 शिक्षार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। शिक्षकों, अधिकारियों, व्यवस्थापकों एवं कार्यकर्ताओं सहित वर्ग में 450 से अधिक स्वयंसेवकों की उपस्थिति है। संघ शिक्षा वर्ग में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, संगठन कौशल तथा सेवा भावना के संस्कारों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्ग के विविध कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षार्थियों में राष्ट्र जीवन के प्रति उत्तरदायित्व एवं समाज के प्रति संवेदनशीलता का विकास किया जा रहा है। इसी क्रम में वर्ग परिसर में आज संघ के विभिन्न कार्य विभागों, द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन सम्पन्न हुआ। प्रदर्शनी का उद्घाटन क्षेत्र शारीरिक शिक्षण प्रमुख नरेश कुमार विकल द्वारा किया गया। उद्घाटन के उपरान्त उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि सेवा कार्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचने का माध्यम हैं तथा संघ का सेवा कार्य समाज में आत्मीयता, समरसता और आत्मविश्वास का वातावरण निर्मित करता है। प्रदर्शनी में उत्तराखण्ड के विभिन्न क्षेत्रें में संचालित सेवा प्रकल्पों, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्राम विकास, पर्यावरण संरक्षण, स्वावलम्बन, सामाजिक समरसता तथा आपदा राहत से जुड़े कार्यों का आकर्षक एवं प्रेरणादायी प्रदर्शन किया गया। साथ ही संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में चल रहे विविध कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों तथा सामाजिक जागरण के प्रयासों को भी प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी का उद्देश्य शिक्षार्थियों को सेवा कार्यों की व्यापकता, उनके सामाजिक महत्व तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका से परिचित कराना है। इस अवसर पर वर्ग पालक सुनील, वर्ग कार्यवाह रमेश, सर्वाधिकारी प्रवीण, विभाग प्रचारक हरिद्वार राकेश, मुख्य शिक्षक सत्येन्द्र, वर्ग बौद्धिक प्रमुख अब्बल सिंह तोपाल, विभाग सेवा प्रमुख बंसीजी,मनोज सैनी, सह व्यवस्था प्रमुख वीर प्रताप सहित वर्ग के समस्त अधिकारी, शिक्षक एवं शिक्षार्थी उपस्थित रहे। प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान शिक्षार्थियों में विशेष उत्साह एवं जिज्ञासा दिखाई दी। उन्होंने सेवा कार्यों के विभिन्न आयामों को समझते हुए समाज जीवन में अपनी सकारात्मक भूमिका के प्रति संकल्प व्यक्त किया। वर्ग में उपस्थित अधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरान्त ये शिक्षार्थी अपने-अपने क्षेत्रों में सेवा, संगठन और संस्कार के कार्यों को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देंगे। (फोटो-10) शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/02 जून 2026