क्षेत्रीय
03-Jun-2026
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दरभंगा, (ईएमएस)। बिहार के दरभंगा जिले में एक महिला की संदिग्ध मौत के बाद पुलिस की कार्रवाई ने सभी को हैरान कर दिया। दरअसल तिलकेश्वर पुलिस थाना क्षेत्र के महिशौत गांव में 30 वर्षीय अंजली देवी की मौत के बाद उनके शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। इसी दौरान मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने जलती चिता को बुझाकर शव के अवशेष कब्जे में ले लिए। मृतका की पहचान महिशौत गांव निवासी नंदन चौपाल की पत्नी अंजली देवी के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने बिना सूचना दिए जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जल रही चिता पर पानी डालकर आग बुझाई। इसके बाद शव के अवशेषों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और जांच की प्रक्रिया शुरू की गई। मामले की जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। परिजनों के अनुसार अंजली देवी की शादी करीब 12 वर्ष पहले हुई थी और उनके दो बेटे तथा एक बेटी हैं। घटना के बाद बच्चों के भविष्य को लेकर परिवार में चिंता का माहौल है। मृतका की मां जयमाला देवी ने आरोप लगाया कि उनके दामाद का किसी अन्य महिला के साथ संबंध था, जिसके कारण अंजली को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। उनका दावा है कि इसी वजह से उनकी बेटी की हत्या की गई और बाद में सबूत मिटाने के लिए शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। जयमाला देवी के अनुसार अंजली कुछ समय से मायके में रह रही थी। चार दिन पहले उसका देवर उसे वापस ससुराल ले गया था। परिवार का कहना है कि अंजली ससुराल जाने के लिए तैयार नहीं थी, क्योंकि वहां उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना होती थी। हालांकि समझाने के बाद वह चली गई और चार दिन बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की मां ने आरोप लगाया है कि अंजली की फंदा लगाकर हत्या की गई है। हालांकि पुलिस ने अभी मौत के कारणों की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। उधर घटना के बाद पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय लोग मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी हुई है। संतोष झा- ०३ जून/२०२६/ईएमएस