क्षेत्रीय
03-Jun-2026
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- दो एकड़ भूमि पर बनाई गई सड़क तोड़ी - ईडब्ल्यूएस जमीन कराई कब्जामुक्त रायपुर (ईएमएस)। राजधानी रायपुर में अवैध प्लाटिंग और शासकीय भूमि पर कब्जों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। नगर निगम जोन-1 की टीम ने यतियतनलाल वार्ड क्रमांक 4 और अन्य क्षेत्रों में चल रही अवैध प्लाटिंग पर सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से विकसित की जा रही सड़कों को ध्वस्त कर दिया। साथ ही ईडब्ल्यूएस भूमि पर किए गए कब्जों को हटाकर जमीन को मुक्त कराया गया। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर जोन-1 प्रशासन ने यह अभियान चलाया। जोन आयुक्त अंशुल शर्मा के मार्गदर्शन में नगर निवेश विभाग और अभियंत्रिकी शाखा की संयुक्त टीम ने विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान यतियतनलाल वार्ड क्रमांक 4 के विंध्यनगर, गोंदवारा क्षेत्र में लगभग दो एकड़ भूमि पर अवैध प्लाटिंग किए जाने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही निगम की टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान पाया कि प्लाटिंग को बढ़ावा देने के लिए मुरूम डालकर सड़क बनाई गई थी। इसके बाद जेसीबी मशीन की सहायता से सड़क को काटकर आवागमन बंद कर दिया गया, जिससे अवैध प्लाटिंग की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जा सके। इसी प्रकार जोन-1 क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 15 में शुभम हॉस्पिटल के पीछे स्थित इलाके में भी अवैध प्लाटिंग किए जाने की जानकारी सामने आई। यहां भी निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और अवैध रूप से बनाई गई मुरूम सड़क को हटाकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों और प्लाटिंग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा गोवर्धन नगर क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षित ईडब्ल्यूएस भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने का अभियान भी चलाया गया। नगर निवेश विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाया और संबंधित भूमि को कब्जामुक्त कराया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक और आरक्षित भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण की शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में पहले जांच की जाती है और अनियमितता पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के साथ वैधानिक कार्रवाई भी की जाती है। नगर निगम ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी भूखंड या प्लॉट की खरीदारी से पहले उसकी वैधता और स्वीकृत दस्तावेजों की जांच अवश्य करें। अवैध प्लाटिंग में निवेश करने से आर्थिक नुकसान होने की संभावना रहती है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में नियोजित विकास सुनिश्चित करने और शासकीय भूमि की सुरक्षा के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। - (ईएमएस) 03 जून 2026