गरियाबंद (ईएमएस)। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने जिले में सख्त कार्रवाई की है। देवभोग और मैनपुर विकासखंड में संचालित बीज विक्रय केंद्रों पर की गई औचक जांच के दौरान भारी मात्रा में धान बीज जब्त किया गया है। अनियमितताएं पाए जाने पर तीन प्रतिष्ठानों को सील करते हुए उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में बीज भंडारण, विक्रय और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में उप संचालक कृषि चंदन रॉय के नेतृत्व में गठित टीम ने विभिन्न बीज विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान सिनापाली स्थित एक प्रतिष्ठान में बड़ी मात्रा में धान बीज का भंडारण ऐसे परिसर में पाया गया, जिसकी विभाग को पूर्व जानकारी नहीं दी गई थी। इसके अलावा बीजों के स्रोत संबंधी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। रिकॉर्ड संधारण में भी खामियां मिलीं और निर्धारित मासिक प्रतिवेदन जमा नहीं किए जाने की बात सामने आई। जांच टीम ने अन्य बीज विक्रय केंद्रों में भी निरीक्षण किया, जहां कई दुकानों में मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं की गई थी। कुछ स्थानों पर बिना वैध अनुमति के बीज विक्रय किए जाने और बीज अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं करने के मामले भी उजागर हुए। अधिकारियों ने इसे किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ बताते हुए गंभीर अनियमितता माना। कार्रवाई के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों में रखी गई कुल 666 बोरी धान बीज जब्त कर ली गई। साथ ही संबंधित दुकानों को सील कर दिया गया। विभाग ने जब्त किए गए बीजों के विक्रय पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की विस्तृत जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग का मानना है कि खरीफ सीजन में नकली, अमानक या बिना प्रमाणित बीजों की बिक्री किसानों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कृषि आदानों की बिक्री से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। - (ईएमएस) 03 जून 2026