राष्ट्रीय
03-Jun-2026


-मामा बोले- अब यादें भी नहीं रहेंगी बस जिंदा रहेगा लच्छू महाराज का नाम वाराणसी,(ईएमएस)। बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा का ननिहाल प्रख्यात तबलावादक ठाकुर लच्छू महाराज के घर से है। अब वाराणसी के दालमंडी चौड़ीकरण में उनका मकान भी जद में आ रहा है। इसका 21 फीट हिस्सा तोड़ा जाएगा। परिवार का कहना है कि सिर्फ मकान नहीं, बल्कि संगीत और बनारस की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी यादें भी मिट जाएंगी। गोविंदा के मुंहबोले मामा एडवोकेट जयनारायण सिंह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि पिता ने इमरजेंसी के वक्त दालमंडी में यह मकान खरीदा था। हम लोग यहां रहने आए। पैतृक निवास हमारा सुल्तानपुर में था। उस समय हम छोटे थे। बड़े भाई लच्छू महाराज पिता से ही संगीत का ककहरा सीख रहे थे। पिता का देहांत हो गया, लेकिन भाई ने संगीत नहीं छोड़ा और तबले में महारथ हासिल की और दालमंडी के घर की बैठके में ही सुबह 7 बजे से अभ्यास शुरू कर देते थे और शाम तक यहीं रहते थे। लेकिन अब वो यादें भी नहीं रहेंगी क्योंकि वो मकान अब टूटने वाला है। बस हमारे जुबान पर जिंदा रहेगा उनका नाम। रिपोर्ट के मुताबिक इतना कह कर जयनारायण खामोश हो गए और ऐसा लगा जैसे अतीत में खो से गए हों। हमने आवाज दी तो एक बार फिर उन्होंने बात शुरू की। बताया कि मेरे छोटे भाई उदयनारायण सिंह जो उन दिनों मुंबई में फिल्म प्रोड्यूसर हुआ करते थे, उन्होंने गोविंदा को फिल्मों में मौका दिया था। गोविंदा की मां और मेरे भाई दोनों बनारस के थे तो यहां से भाई बहन का रिश्ता शुरू हुआ और हम गोविंदा के मामा हो गए। हम हमेशा उनके मामा रहेंगे और हमारा रिश्ता अभी उनसे वैसे ही है। लच्छू महाराज के मकान का कुल 21 फीट हिस्सा चौड़ीकरण के लिए चिह्नित है और मकान की रजिस्ट्री की जा चुकी है। बुलडोजर से मकान का शटर तोड़ा जा चुका है और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चल रही है। सिराज/ईएमएस 03जून26