मुंबई (ईएमएस)। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने सुंदरता के तय मानकों को और अधिक कठोर बना दिया है। विशेषकर महिलाओं के बीच फ्लैट पेट और जीरो फिगर हासिल करने की चाहत तेजी से बढ़ी है। अभिनेत्री तापसी पन्नू ने इस विषय पर खुलकर अपनी राय रखी है और महिलाओं से अपने शरीर को स्वीकार करने की अपील की है। तापसी पन्नू ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक संदेश में बताया कि एक समय ऐसा था जब वह भी पूरी तरह सपाट पेट पाने की इच्छा रखती थीं। उन्होंने कहा कि बचपन से ही वह फिट रही हैं और नियमित रूप से व्यायाम करती रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके पेट के निचले हिस्से में थोड़ा फैट बना रहता था। उस समय उन्हें समझ नहीं आता था कि लगातार मेहनत करने के बावजूद यह हिस्सा वैसा क्यों नहीं दिखता जैसा वह चाहती थीं। इसी वजह से उन्होंने जरूरत से अधिक व्यायाम करना शुरू कर दिया था। अभिनेत्री ने कहा कि बाद में उन्हें एहसास हुआ कि हर समस्या का समाधान अधिक वर्कआउट नहीं होता। कई बार शरीर को उसकी क्षमता से अधिक मेहनत करवाने पर वह इसे तनाव या खतरे की स्थिति मानने लगता है। ऐसी अवस्था में शरीर खुद को सुरक्षित रखने के लिए पानी जमा करना शुरू कर देता है। इसके कारण पेट के निचले हिस्से में सूजन या उभार दिखाई दे सकता है। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर इसे केवल अतिरिक्त चर्बी समझ लेते हैं, जबकि कई बार इसकी वजह शरीर में पानी का रुकना भी होता है। जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने से यह स्थिति और गंभीर हो सकती है। तापसी ने महिलाओं को यह भी समझाने की कोशिश की कि हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है और सभी की शारीरिक संरचना एक जैसी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव लगातार होते रहते हैं, जिसका असर शरीर की बनावट और आकार पर भी पड़ता है। ऐसे में यह उम्मीद करना कि शरीर हर दिन बिल्कुल एक जैसा दिखेगा, वास्तविकता से दूर है। उन्होंने महिलाओं को सोशल मीडिया पर दिखने वाली तस्वीरों और दूसरों की शारीरिक बनावट से अपनी तुलना करने से बचने की सलाह दी। अभिनेत्री ने अपनी न्यूट्रिशनिस्ट मुनमुन गनेरीवाल की सलाह का हवाला देते हुए बताया कि महिलाओं के पेट के निचले हिस्से में थोड़ी मात्रा में फैट और पानी का होना स्वाभाविक और जरूरी माना जाता है। उन्होंने कहा कि शरीर का यह हिस्सा प्रजनन अंगों की सुरक्षा से जुड़ा होता है, इसलिए प्रकृति ने यहां अतिरिक्त सुरक्षा परत की व्यवस्था की है। सुदामा/ईएमएस 04 जून 2026