राष्ट्रीय
04-Jun-2026
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-ईडी ने उनके निवास पर जाकर थमाया समन कोलकाता(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कड़ा रुख अपनाते हुए तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को समन जारी किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारी कोलकाता के कालीघाट स्थित उनके आवास पर नोटिस लेकर पहुंचे, जिसके तहत उन्हें आगामी 15 जून को पूछताछ के लिए जांच अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होने का कड़ा निर्देश दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है। इस जांच के दौरान लीप्स एंड बाउंड्स नामक संस्था से संबंधित कुछ संदिग्ध वित्तीय जानकारियां और दस्तावेज सामने आए हैं, जिनके आधार पर एजेंसी अभिषेक बनर्जी से विस्तृत पूछताछ करना चाहती है। बताया जा रहा है कि ईडी की एक विशेष टीम सबसे पहले उनके शांतिनिकेतन स्थित ठिकाने पर पहुंची थी, लेकिन वहां अभिषेक बनर्जी के मौजूद न होने के कारण अधिकारी कालीघाट रोड स्थित उनके मुख्य आवास पर पहुंचे। उस समय भी अभिषेक बनर्जी घर पर उपस्थित नहीं थे और बताया गया कि वे पार्टी प्रमुख व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बुलाई गई एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने गए हुए थे। काफी देर इंतजार करने के बाद आखिरकार अभिषेक बनर्जी के कार्यालय के एक प्रतिनिधि ने ईडी का यह समन स्वीकार किया। दिल्ली और कोलकाता के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने इस कानूनी नोटिस को तामील कराया है। उल्लेखनीय है कि शिक्षक भर्ती मामले में वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर इससे पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो भी अभिषेक बनर्जी से पूछताछ कर चुकी है। अब ईडी ने उसी जांच को आगे बढ़ाते हुए और नए वित्तीय पहलुओं को आधार बनाकर यह नया समन जारी किया है। जांच एजेंसी का मानना है कि इस पूरे मामले के वित्तीय स्रोतों और लेन-देन की पड़ताल के लिए अभिषेक बनर्जी से पूछताछ करना बेहद आवश्यक है। अब सभी की निगाहें 15 जून की तारीख पर टिकी हैं, जब अभिषेक बनर्जी के ईडी के सामने पेश होने की संभावना है। इस बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस के भीतर शुरू हुआ सियासी कोहराम थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ जहां पार्टी के भीतर चल रही ऐतिहासिक बगावत को विधानसभा के स्तर पर आधिकारिक मान्यता मिल गई है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक मोर्चे पर भी ममता बनर्जी को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। तृणमूल कांग्रेस के सबसे कद्दावर, प्रभावशाली और ममता बनर्जी के बेहद करीबी नेताओं में शुमार फिरहाद हकीम ने कोलकाता नगर निगम के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है। इस राजनीतिक अस्थिरता के बीच, बंगाल की सुवेंदु सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने अभिषेक बनर्जी से जुड़ी पुरानी फाइलों को एक बार फिर से खोलना शुरू कर दिया है, जिससे राज्य की राजनीति में तनाव चरम पर पहुंच गया है। वीरेंद्र/ईएमएस/04जून2026