राष्ट्रीय
04-Jun-2026
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-सुप्रीम कोर्ट ने ट्रेन में जबरन वसूली मामले में पुलिसकर्मियों की अग्रिम जमानत की रद्द नई दिल्ली,(ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अगस्त में मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर नाबालिग के साथ यात्रा कर रहे व्यक्ति से जबरन वसूली और धमकी देने के आरोपी तीन रेलवे पुलिसकर्मियों की अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। इन पुलिसकर्मियों को पिछले साल सितंबर में बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहत दी थी। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि जब कानून लागू करने वाले ही जबरन वसूली करने लगें, तो नागरिक असहाय होकर देखता रह जाता है और उसके पास झुकने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को अस्पष्ट बताते हुए उसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि अपने पद का दुरुपयोग करने वाले किसी पुलिस अधिकारी के मामले से निपटते समय एक आम आरोपी व्यक्ति पर लागू होने वाली सामान्य धारणाएं लागू नहीं होंगी। यह घटना पिछले साल अगस्त महीने की है। एक यात्री अपने एक नाबालिग बच्चे के साथ राजस्थान जा रहा था। यात्री ने आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मियों ने उसके पास से 14 ग्राम सोने का बिस्कुट और 31,900 रुपए नकद मिलने के बाद उसे हिरासत में ले लिया था और फिर उससे जबरन वसूली की गई। इस मामले में पुलिसकर्मियों की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुई हैं। हाल ही में डिपार्टमेंटल इंक्वायरी के बाद राज्य सरकार ने तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। सिराज/ईएमएस 04जून26