नई दिल्ली,(ईएमएस)। देश के प्रख्यात संविधान विशेषज्ञ और पूर्व लोकसभा महासचिव डॉ. सुभाष सी. कश्यप का 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने अपने निवास पर अंतिम सांस ली। चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार, उनका निधन कार्डियो-पल्मोनरी अरेस्ट के कारण हुआ। डॉ. कश्यप भारतीय संसदीय परंपरा, संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अपने गहन अध्ययन के लिए जाने जाते थे। उन्होंने लोकसभा महासचिव के रूप में कार्य करते हुए संसदीय प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण और संस्थागत मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने संविधान, संसद और शासन व्यवस्था पर अनेक पुस्तकों और शोध लेखों की रचना की। शिक्षाविदों, विधि विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच उनकी पहचान एक गंभीर संवैधानिक चिंतक के रूप में थी। सार्वजनिक विमर्श में वे अक्सर संविधान की मूल भावना, संघीय ढांचे और संसदीय लोकतंत्र की मजबूती पर जोर देते थे। राजनीतिक नेताओं, विधि समुदाय और अकादमिक जगत ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्हें भारतीय संविधान और संसदीय लोकतंत्र के अध्ययन को जनसामान्य तक पहुंचाने वाले प्रमुख विद्वानों में गिना जाता है। उनका निधन उस पीढ़ी के महत्वपूर्ण संवैधानिक विद्वानों में एक बड़ी क्षति माना जा रहा है, जिन्होंने स्वतंत्र भारत की संसदीय परंपराओं को करीब से देखा और समझाया। हिदायत/ईएमएस 04जून26