- शास्त्रीय और लोक नृत्यों की मोहक प्रस्तुति जबलपुर (ईएमएस)। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड की क्रीड़ा एवं कला परिषद के तत्वावधान में आयोजित ग्रीष्मकालीन सांस्कृतिक व कला प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में 101 लड़कियों व आठ लड़कों ने विभिन्न शैलियों में छह नृत्य प्रस्तुत किए वहीं नवोदित तबला वादकों की त्रिताल में सामूहिक प्रस्तुति और मधुर गायन प्रस्तुत कर लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के महासचिव फिरोज कुमार मेश्राम थे। इस अवसर पर परिषद के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में अभिभावक व दर्शक उपस्थित थे। समारोह की शुरुआत वराह रूपम पंजुरली देव नृत्य ने दर्शकों के समक्ष दक्षिण भारत की प्राचीन भूता कोला परंपरा की अद्भुत झलक प्रस्तुत की। 11 नृत्यांगनाओं ने पारंपरिक वेशभूषा, आकर्षक शृंगार, भव्य मुकुट व प्रभावशाली नृत्य मुद्राओं के माध्यम से पंजुरली देव के स्वरूप को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और लोकधुनों के बीच हुई इस प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नृत्य के माध्यम से लोक आस्था, प्रकृति के प्रति सम्मान, सांस्कृतिक मूल्यों और भारतीय लोक परंपराओं का सुंदर संदेश दिया गया। नृत्यांगनाओं के समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उपस्थित जनसमूह से भरपूर सराहना प्राप्त की। यह प्रस्तुति समापन समारोह का प्रमुख आकर्षण रही और उपस्थित जन समूह को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में सफल रही। ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर की प्रशिक्षण प्राप्त कर रही 29 नन्हीं लड़कियों द्वारा प्रस्तुत समूह नृत्य से तरंग प्रेक्षागृह में उपस्थित जन समूह झूम उठा। नृत्य में उपयोग की गई प्रापर्टी सुंदर ढंग से प्रस्तुत की गई। समारोह का विशेष आकर्षण कपल डांस रहा। इस नृत्य में 23 लड़कों-लड़कियों ने सुंदर परिधान में मधुर संगीत के साथ प्रस्तुति दी। बॉलीवुड गीतों पर आधारित इस प्रस्तुति ने सभी का दिल मोह लिया। समारोह में बॉलीवुड नृत्य की प्रस्तुति से विभिन्न कालखंड की एक तरह से सैर करने लगे। समापन समारोह में प्रस्तुत किए गए वेस्टर्न डांस से सिद्ध हुआ कि ग्रीष्मकालीन शिविर में नृत्य की प्रत्येक विधा का गहन प्रशिक्षण दिया गया और प्रशिक्षणार्थियों ने उतने मन से उसको सीखने में मेहनत की है। वेस्टर्न डांस में आठ प्रतिभागी लड़कियों ने वेस्टर्न डांस की बारीकियों को मंच पर उतारा। समापन समारोह के अंत में 12 लड़कियों ने बंगला दुर्गा पूजा के दसवें दिन की पूजा को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत करके दुर्गा पूजा का अहसास करवा दिया। समापन समारोह में प्रस्तुत किए गए नृत्यों की परिकल्पना व निर्देशन रितु रजक ने किया और उनको गुरमीत कौर मथारू व याशिका वर्मा ने सहयोग दिया। समापन समारोह के सांस्कृतिक कार्यक्रम का संयोजन केके गौतम व शिल्पा ताम्हणे ने व संचालन जयवंत वामन खारपाटे ने किया। - 04 जून 2026/ 05.17