राज्य
04-Jun-2026


संकरी बस्तियों के होटल-गोदाम रडार निगम की रडार पर जबलपुर (ईएमएस)। राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जबलपुर नगर निगम और फायर विभाग ने शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा तेज कर दी है। संकरी गलियों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित होटल, लॉज, गोदाम तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को चिन्हित कर नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके लिए पांच सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई है, जो विभिन्न क्षेत्रों में जाकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रही है। शहर में लगातार सामने आ रही आगजनी की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जांच के दौरान यह सामने आया है कि कई होटल, गोदाम और व्यावसायिक भवन अब भी अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। अनेक भवनों में फायर फाइटिंग सिस्टम मौजूद नहीं हैं, जबकि कई स्थानों पर लगाए गए सुरक्षा उपकरण भी पर्याप्त नहीं पाए गए हैं। विशेष चिंता का विषय यह है कि शहर के आधे से अधिक ऐसे प्रतिष्ठान संकरी बस्तियों और तंग मार्गों वाले क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां किसी दुर्घटना की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो सकते हैं। फायर हॉट-स्पॉट बने कई इलाके....... नेशनल बिल्डिंग कोड और अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुसार 15 मीटर से अधिक ऊंचाई अथवा 500 वर्गमीटर से बड़े भवनों एवं होटलों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य है। इसके बावजूद कई छोटे और मध्यम श्रेणी के प्रतिष्ठानों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर लापरवाही देखी जा रही है। मदनमहल, गंगासागर, गुलौआ और गुरंदी बाजार जैसे क्षेत्रों में लकड़ी एवं प्लाईवुड के बड़े कारखाने संचालित हैं, जबकि मालवीय चौक, गोल बाजार, उखरी और दमोह नाका में बड़ी संख्या में टायर गोदाम मौजूद हैं। ऐसे स्थानों को आग की दृष्टि से संवेदनशील माना जा रहा है। निगम और फायर विभाग अब तक करीब 350 लोगों को नोटिस जारी कर चुका है तथा सुरक्षा मानकों के अनुपालन की निगरानी की जा रही है। 150 से अधिक होटल संचालन में ...... शहर में वर्तमान में 150 से अधिक होटल संचालित हो रहे हैं। इनमें सात बड़े होटल ऐसे हैं जिनमें 100 से अधिक कमरे हैं। लगभग 50 होटल 30 से 40 कमरों की क्षमता वाले हैं, जबकि 100 से अधिक छोटे होटल 10 से 30 कमरों के बीच संचालित हो रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते फायर ऑडिट और सुरक्षा व्यवस्थाओं को प्रभावी नहीं बनाया गया, तो भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सुनील साहू / शहबाज / 04 जून 2026/ 07.09