:: जनजातीय विद्यार्थियों को मिलेगा अंतरिक्ष विज्ञान का व्यावहारिक ज्ञान; देश के 75 स्कूलों में बनी लैब, मप्र के 10 विद्यालय शामिल :: खरगोन/इंदौर (ईएमएस)। इंदौर संभाग के खरगोन जिले के लिए 3 जून का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय झिरन्या में नवनिर्मित अत्याधुनिक स्पेस लैब का भव्य लोकार्पण किया। यह कदम जनजातीय अंचल के विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान, खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष की दुनिया से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार की एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल माना जा रहा है। यह स्पेस लैब जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार और भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) की सीएसआर पहल के सहयोग से तैयार की गई है। इसके तहत देश के कुल 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में ऐसी अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, जिनमें मध्य प्रदेश के 10 विद्यालयों को चुना गया है। विद्यालय की प्राचार्या रेखा रानी चौहान ने इस बड़ी सौगात के लिए राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस लैब के जरिए विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, खगोल विज्ञान और आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा, जिससे बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना मजबूत होगी। इस गौरवमयी उपलब्धि पर खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सुदूर जनजातीय अंचल के प्रतिभावान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की ऐसी आधुनिक वैज्ञानिक सुविधाएं मिलना पूरे जिले के लिए बड़े गौरव का विषय है। यह अनूठी पहल निश्चित रूप से क्षेत्र के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण और उनकी वैज्ञानिक प्रतिभा को निखारने की दिशा में एक सशक्त और मील का पत्थर साबित होगी। प्रकाश/04 जून 2026