इन्दौर (ईएमएस) अठारहवें सत्र न्यायाधीश रूपेश नाइक की कोर्ट ने इन्दौर नगर निगम की कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम की वन्दे मातरम् अपमान मामले में दायर अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी है। मामला इन्दौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान का है। मामले में भाजपा पार्षदों द्वारा उनके खिलाफ एम जी रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसी मामले में कांग्रेस की पार्षद फौजिया शेख अलीम ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। याचिका सुनवाई दौरान शासन की ओर से जमानत आवेदन का कड़ा विरोध किया गया। अदालत के इस फैसले के बाद अब पुलिस की आगामी कार्रवाई और मामले की कानूनी दिशा पर सबकी नजरें टिक गई हैं। बता दें कि गत 8 अप्रैल को नगर निगम के बजट सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख देर से पहुंचीं और अपने प्रश्न पर चर्चा कराने का अनुरोध किया। इस दौरान भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया कि वे राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के दौरान सदन में उपस्थित नहीं थीं। विवाद तब बढ़ गया जब पार्षद फौजिया शेख अलीम के साथ पार्षद रुबीना इकबाल खान ने कथित तौर पर धार्मिक मान्यताओं का हवाला देते हुए ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार कर दिया। भाजपा पार्षदों ने इसका कड़ा विरोध किया और सदन में जमकर हंगामा हुआ। इस पर सभापति ने दोनों पार्षदों को बैठक से बाहर निकल जाने का आदेश दिया। घटना के बाद भाजपा पार्षदों की शिकायत पर एमजी रोड थाना पुलिस ने दोनों पार्षदों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने दोनों पार्षदों को थाने बुलाकर पूछताछ भी की थी। आनंद पुरोहित/ 04 जून 2026