राज्य
04-Jun-2026


भोपाल (ईएमएस) । देश की आर्थिक दिशा और सामाजिक स्थिति को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर के शासनकाल में आर्थिक संकट के कारण देश को सोना गिरवी रखना पड़ा था, लेकिन आज स्थिति इससे भी अधिक चिंताजनक है। अब देश का सोना बेचे जाने की नौबत आ रही है, जबकि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले नए भारत, ईमानदार भारत, रोजगारयुक्त भारत और विश्वगुरु भारत का सपना दिखाया था। यह बात मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रतलाम में पत्रकार वार्ता के दौरान मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कही । पटवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों, गरीबों, युवाओं, व्यापारियों, उद्योगपतियों और मध्यम वर्ग को महंगाई से राहत, रोजगार और समृद्धि का वादा किया था। लेकिन आज वास्तविकता इसके विपरीत दिखाई दे रही है। देश की अपार संपत्ति कुछ चुनिंदा लोगों के हाथों में सिमटती जा रही है। उन्होंने कहा कि देश की लगभग एक ट्रिलियन डॉलर अर्थात करीब 100 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति मात्र 297 लोगों के पास केंद्रित हो गई है। यह स्थिति आर्थिक असमानता की भयावह तस्वीर प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि जिस देश में कुछ सौ लोगों के पास इतनी संपत्ति हो, जो कई राज्यों के वार्षिक बजट और राष्ट्रीय बजट की तुलना में भी अत्यधिक हो, वहां यह स्पष्ट संदेश जाता है कि देश के संसाधनों का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच रहा है। देश का गरीब, किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है, जबकि सत्ता के करीबी लोग लगातार अमीर होते जा रहे हैं। पटवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का सबसे दृढ़ और निर्णायक नेता बताया गया था, लेकिन विगत 12 वर्षों में छह बार उन्होंने स्वयं देशवासियों से देश बचानेÓ की अपील की है। यदि बार-बार देश को संकट में बताया जा रहा है तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर देश को संकट में पहुंचाने के लिए जिम्मेदार कौन है। तथाकथित विश्वगुरु बनने का दावा करने वाली सरकार को यह जवाब देना चाहिए कि आखिर हर दो वर्ष में देशवासियों से देश बचाने की अपील क्यों करनी पड़ती है। पटवारी ने हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उनके विरुद्ध की गई अमर्यादित टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिस मंच से उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया, वह भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग था। ऐसे में मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या भाजपा के प्रशिक्षण वर्गों में कार्यकर्ताओं को गाली-गलौज और राजनीतिक विरोधियों के प्रति नफरत फैलाने का प्रशिक्षण दिया जाता है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया गया, उसके बाद से सोशल मीडिया पर भाजपा समर्थकों द्वारा लगातार नफरत और दुर्भावना फैलाने का अभियान चलाया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी इस तरह की राजनीति में विश्वास नहीं करती। भाजपा की गालियां और अपशब्द हमारे लिए फूलों के समान हैं। हम प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की राजनीति करते हैं। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश में मोहब्बत, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि भारतीय जनता पार्टी का चाल, चरित्र और चेहरा लगातार नफरत, विभाजन और घृणा की राजनीति को बढ़ावा देने वाला साबित हो रहा है। देश की जनता अब वास्तविक मुद्दों पर जवाब चाहती है और आने वाले समय में जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब भी देगी। आशीष पाराशर/04 जून2026