राज्य
05-Jun-2026


- सीएम सुवेंदु अधिकारी ने करन अडानी से मुलाकात के बाद दी जानकारी - मजबूत रेल-हाईवे कनेक्टिविटी के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र से मांगी मंजूरी कोलकाता (ईएमएस)। पश्चिम बंगाल सरकार ने लंबे समय से प्रस्तावित गहरे समुद्र के बंदरगाह (डीप-सी पोर्ट) की परियोजना के लिए ताजपुर के पास दादनपत्रबार इलाके में 1,700 एकड़ जमीन की पहचान की है। यह नया स्थान ताजपुर से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके साथ ही राज्य सरकार छोटे बंदरगाहों के विकास की संभावनाएं भी तलाश रही है और समुद्री रसद (लॉजिस्टिक्स) व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए एक अलग शिपिंग (जहाजरानी) विभाग बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इससे एक दिन पहले ही उन्होंने अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन के प्रबंध निदेशक (मैनेजिंग डायरेक्टर) करन अडानी से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ताजपुर का पुराना और मूल स्थान इस बड़ी परियोजना के लिए तकनीकी रूप से उपयुक्त नहीं था, क्योंकि किसी भी व्यावहारिक और बड़े बंदरगाह को सुचारु रूप से चलाने के लिए मजबूत रेल और राजमार्ग (हाईवे) कनेक्टिविटी की सख्त आवश्यकता होती है। इसके बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए हजारों एकड़ जमीन की जरूरत होती है, जो मौजूदा ताजपुर वाले स्थान पर उपलब्ध नहीं है। उन्होंने यह भी साफ किया कि अडानी समूह पहले ही पुरानी ताजपुर परियोजना से बाहर हो चुका है और उस स्थान पर राज्य सरकार के पास पर्याप्त जमीन भी नहीं बची है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, नए चिन्हित किए गए क्षेत्र दादनपत्रबार में सरकार के पास 1,700 एकड़ जमीन पहले से ही उपलब्ध है, जिसका सीधा उपयोग इस बंदरगाह परियोजना के लिए किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस योजना के संबंध में उन्होंने केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्वानन्द सोनोवाल से जरूरी अनुमति के लिए बातचीत की है और जल्द ही केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। शुरुआत में उपलब्ध जमीन से परियोजना का काम शुरू किया जा सकता है और बाद में आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। छोटे बंदरगाहों के विकास पर मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि गुजरात इस क्षेत्र में हमेशा से आगे रहा है, जबकि ओडिशा ने भी हाल के दिनों में कुछ छोटे बंदरगाह विकसित किए हैं। अब पश्चिम बंगाल भी इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है। इससे पहले बुधवार को करन अडानी ने राज्य सचिवालय नवान्न में मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। हालांकि अडानी समूह से जुड़े सूत्रों ने इसे सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट बताया है, लेकिन कुछ अन्य सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने इस बैठक में समूह को राज्य के बुनियादी ढांचे, बिजली, लॉजिस्टिक्स और अन्य क्षेत्रों में बड़े निवेश के लिए आमंत्रित किया है। यह बैठक राजनीतिक और आर्थिक रूप से इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछली राज्य सरकार ने ताजपुर पोर्ट परियोजना के पहले टेंडर (निविदा) को रद्द कर दिया था और नई प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रही थी। साल 2025 में दुर्गापूजा से ठीक पहले तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार ने अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (एपीएसईजेड) को विजेता घोषित करने वाले पहले टेंडर को खारिज कर दिया था और पूर्वी मिदनापुर में ताजपुर डीप-सी पोर्ट के लिए नया प्रस्ताव अनुरोध (आरएफपी) जारी किया था, जिसके बाद अब नई सरकार इस पर नए सिरे से आगे बढ़ रही है। रामयश/ईएमएस 05 जून 2026