- कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने फीता काटकर किया नव निर्मित प्रसव केंद्र एवं पीएनसी यूनिट का शुभारंभ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई मजबूती ग्रामीणों से सुविधाओं का अधिकतम लाभ लेने की अपील दतिया ( ईएमएस ) | कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने शुक्रवार को ग्राम दुरसड़ा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में नव निर्मित प्रसव केंद्र एवं पीएनसी यूनिट का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित महिलाओं, बच्चों एवं ग्रामीणों को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को ग्रामीण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री वानखड़े ने कहा कि शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नव प्रारंभ किए गए प्रसव केंद्र एवं पीएनसी यूनिट से गर्भवती महिलाओं को समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी, वहीं नवजात शिशुओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य की बेहतर निगरानी और सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने उपस्थित आशा कार्यकर्ताओं एवं एएनएम को निर्देशित किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों का पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ निर्वहन करें। साथ ही घर-घर जाकर इस नवीन स्वास्थ्य सुविधा का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि क्षेत्र के प्रत्येक परिवार को इसकी जानकारी मिल सके और अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा जब पात्र हितग्राहियों तक इनका लाभ समय पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री वानखड़े ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं, उपलब्ध संसाधनों तथा उपचार संबंधी सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने स्वयं अपना ब्लड शुगर परीक्षण भी कराया तथा स्वास्थ्य जांच एवं नियमित परीक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। कलेक्टर श्री वानखड़े ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि शासन द्वारा जनसामान्य के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए अनेक महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सभी नागरिक आगे आकर इन सेवाओं का लाभ लें तथा अपने परिवार के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें। उन्होंने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने, संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता देने तथा नवजात शिशुओं के समय पर टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि नव स्थापित प्रसव केंद्र के प्रारंभ होने से क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए दूरस्थ स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय, संसाधनों और जोखिम में कमी आएगी। साथ ही पीएनसी यूनिट के माध्यम से प्रसव उपरांत माताओं एवं नवजात शिशुओं की नियमित देखभाल सुनिश्चित की जा सकेगी। ग्रामीणों ने भी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता, एएनएम, एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।