नई दिल्ली (ईएमएस)। सलाखों के पीछे सजा काट रहे कैदियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिस सिस्टम पर है, वही अब उनकी जान पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। तिहाड़ जेल का एक्सटेंशन कर मंडोली जेल बनाई गई थी, जिससे कैदियों को बेहतर सुविधाएं और माहौल मिल सके। लेकिन मंडोली जेल में बीते चार महीनों में चार बंदियों की संदिग्ध मौतों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह जेल सुधार गृह की जगह मौत की जेल बनती जा रही है। मृतक कैदियों के स्वजन आरोप लगाते हैं, लेकिन जेल प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता। बीते चार माह में मंडोली जेल में बंद चार कैदियों की मौत हुई है। पोस्टमार्टम तो किया जाता है लेकिन मौत के कारण स्पष्ट नहीं होते। विसरा सुरक्षित रख जांच की इतिश्री कर ली जाती है। स्वजन पुलिस से मौत का कारण पूछते हैं लेकिन पुलिस विसरा रिपोर्ट आने की बात कहकर कई माह तक स्वजन को टहलाती है। वहीं, लगातार मौतों के बाद न केवल जेल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि अंदर की कथित अव्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। मृतकों के स्वजन ने आरोप लगाया है कि जेल में रुपये की उगाही की जाती है और नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री होती है। उनका कहना है कि पैसे न देने पर कैदियों को प्रताड़ित किया जाता है, जिससे उनकी जान तक खतरे में पड़ जाती है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/06/ जून /2026