:: विद्याधाम में आद्य गौड़ ब्राह्मण सेवा न्यास के तत्वावधान में हुआ भावपूर्ण भरत मिलाप, आज होगा प्रभु का राज्याभिषेक :: इंदौर (ईएमएस)। राम कथा केवल चित्त नहीं, बल्कि चरित्र परिवर्तन की कथा है। जब कथा के प्रभाव से चित्त में बदलाव आता है, तो चरित्र स्वतः ही निखर जाता है। यदि मन एक बार भगवान की कथा से जुड़ जाए, तो संसार के सारे बंधन और चिंताएं दूर हो जाती हैं। राम साक्षात सच्चिदानंद हैं, जिनकी कथा से तन को पुष्टि, मन को तुष्टि और बुद्धि को सही दृष्टि प्राप्त होती है। राम और भरत का मिलाप रामायण का सबसे अद्भुत और श्रेष्ठतम प्रसंग है। आज के दौर में यदि घर-घर में राम और भरत जैसे भाई हो जाएं, तो परिवारों के सारे विवाद हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे। यह प्रेरक विचार आचार्य पं. राहुल कृष्ण शास्त्री ने शनिवार को व्यक्त किए। वे विमानतल मार्ग स्थित विद्याधाम में आद्य गौड़ ब्राह्मण सेवा न्यास के मातृशक्ति प्रकोष्ठ की मेजबानी में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा में भरत मिलाप एवं वनवास काल के प्रसंगों की रसदार व्याख्या कर रहे थे। न्यास के अध्यक्ष पं. दिनेश शर्मा ने बताया कि शनिवार को कथा शुभारंभ से पूर्व मुख्य अतिथि सांसद शंकर लालवानी एवं क्षेत्रीय विधायक गोलू शुक्ला ने व्यास पीठ का विधि-विधान से पूजन कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर मुख्य यजमान पुष्पा-अशोक शर्मा, विद्याधाम के आचार्य पं. राजेश शर्मा, कैलाश पाराशर, सुनील भंडारी, गोविन्द शर्मा और राजकिशोर शर्मा सहित कई प्रबुद्धजन उपस्थित थे। कथा पंडाल पहुंचने पर विद्वान वक्ता की अगवानी भारती शर्मा, सरस्वती शर्मा, पिंकी शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, रश्मि शर्मा, प्रीति दुबे और मोनिका शर्मा सहित मातृशक्ति प्रकोष्ठ की सदस्याओं ने की। :: त्याग और समर्पण की प्रतिमूर्ति हैं भाई भरत :: आचार्य पं. शास्त्री ने भरत चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम और दिव्य बनाने में उनके छोटे भाई भरत के त्याग और समर्पण की बहुत बड़ी भूमिका है। इतिहास गवाह है कि आज भी भारतीय समाज में कोई भी अपनी संतान का नाम कैकेयी, सूर्पनखा या मंथरा नहीं रखता, क्योंकि इनके कर्मों ने सनातन समाज को लांछित किया। इसके विपरीत, भरत और राम का स्नेह अतुलनीय है। दुनिया में ऐसा उदाहरण कहीं नहीं मिलता, जहां बड़े भाई के वनवास जाने पर छोटा भाई राजा होने के बावजूद 14 वर्षों तक राज सिंहासन पर भाई की खड़ाऊं रखकर सेवक की तरह राजपाठ चलाए। :: आज धूमधाम से मनेगा राम राज्याभिषेक उत्सव :: मातृशक्ति प्रकोष्ठ की भारती शर्मा और पिंकी शर्मा ने बताया कि विद्याधाम परिसर में चल रहे इस दिव्य कथा ज्ञान यज्ञ का समापन रविवार, 7 जून को होगा। दोपहर 3:30 से शाम 7:30 बजे तक होने वाली अंतिम दिन की कथा में प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक का प्रसंग बेहद धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर मातृशक्ति प्रकोष्ठ द्वारा कथाव्यास पं. राहुल कृष्ण शास्त्री का विशेष सम्मान भी किया जाएगा। प्रकाश/06 जून 2026