:: इंडिया-एलएसी ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम २०२६ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिजिटल प्लेटफॉर्म का किया शुभारंभ, 5 साल में विकसित होंगे 6 नए औद्योगिक कॉरिडोर :: इंदौर (ईएमएस)। मध्यप्रदेश तेजी से भारत के नए वैश्विक निवेश एवं निर्यात केंद्र के रूप में उभर रहा है। हमारा प्रदेश असीम अवसरों की धरती है, जहां की स्थिर, पारदर्शी और उद्योग-फ्रेंडली नीतियां निवेशकों के लिए बड़े फायदे का सौदा हैं। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को इंदौर में आयोजित भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरिबियन (एलएसी) व्यापार एवं निवेश मंच-2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलन कर इस दो दिवसीय प्रतिष्ठित फोरम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर फोरम के विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म और वेबसाइट को लॉन्च किया। साथ ही दोनों क्षेत्रों के साझा व्यापार पर केंद्रित स्पेशल मैगजीन द बिजनेस टायकून्स का विमोचन भी किया। :: निर्यात में 19 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि :: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैश्विक मंच पर प्रदेश की मजबूत आर्थिक स्थिति के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि विगत वित्त वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश का लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों को निर्यात 19 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़त के साथ 3 हजार 835 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस सफलता में विशेषकर इंदौर और पीथमपुर के फार्मास्यूटिकल्स (दवा बाजार) क्षेत्र की बड़ी भूमिका रही है, जो अब ग्लोबल हब बन चुके हैं। प्रदेश में निर्मित दवाएं, इंजीनियरिंग उत्पाद, जंबो बैग्स और कृषि उत्पाद अब ब्राजील, मेक्सिको, चिली, पेरू और कोलंबिया जैसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में धूम मचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मेड इन इंडिया के साथ-साथ मेड इन एमपी उत्पादों के प्रति वैश्विक विश्वास का प्रतीक है। :: 1.25 लाख एकड़ का लैंड बैंक और बिजली सरप्लस :: निवेशकों को आकर्षित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है और कुशल श्रमिकों की प्रचुरता है। प्रदेश में 1.25 लाख एकड़ से अधिक का रेडी-टू-यूज़ लैंड बैंक उपलब्ध है। मध्यप्रदेश 31 हजार मेगावाट से अधिक क्षमता के साथ एक पावर सरप्लस राज्य है, जिसमें 30 प्रतिशत हिस्सेदारी क्लीन एनर्जी (हरित ऊर्जा) की है। उद्योगों की सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) के लिए सरकार ने जन विश्वास अधिनियम लागू कर 108 पुराने और जटिल नियमों को पूरी तरह समाप्त या सरल कर दिया है। :: कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, बनेंगे 6 कॉरिडोर :: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले 5 वर्षों में राज्य सरकार 6 प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने जा रही है। यह कॉरिडोर मालवा से बुंदेलखंड और निमाड़ से विंध्य तक की रोड कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व मजबूती देंगे। उन्होंने इंदौर के गौरवमयी इतिहास को याद करते हुए कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के सुशासन के दौर में भी इंदौर सिल्क मार्ग के जरिए दुनियाभर से जुड़ा एक उन्नत व्यापारिक केंद्र था। उन्होंने विदेशी प्रतिनिधियों से क्रेता-विक्रेता के रिश्ते से आगे बढ़कर संयुक्त उद्यम स्थापित करने का आह्वान किया। :: उरुग्वे के राजदूत ने सराहा, 15 देशों के प्रतिनिधि शामिल :: भारत में उरुग्वे के राजदूत एमरिला ने इनक्रेडिबल इंडिया में मध्यप्रदेश के बढ़ते कदमों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के संकल्प को पूरा करने में यह राज्य बड़ी भूमिका निभा रहा है। ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम के संस्थापक डॉ. जितेंद्र जोशी ने स्वागत भाषण में बताया कि इस फोरम में 15 देशों के शीर्ष व्यापार प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सत्र के दौरान प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य और सिंगल विंडो सिस्टम जैसी निवेश अनुकूल नीतियों पर एक विस्तृत प्रजेंटेशन दिया। इस वैश्विक आयोजन में पेरू, पनामा, अल-सल्वाडोर, क्यूबा, ग्वाटेमाला, गुयाना, इक्वाडोर और मेक्सिको के राजदूत व उच्चायुक्तों सहित जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला और देश-विदेश के कई दिग्गज उद्योगपति व बिजनेस टायकून्स उपस्थित थे। प्रकाश/06 जून 2026