राष्ट्रीय
06-Jun-2026
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:: इंडिया-एलएसी ट्रेड फोरम : मुख्यमंत्री ने लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई देशों के राजदूतों से की वन-टू-वन चर्चा, जीआईएस-2027 और सिंहस्थ-2028 का दिया आमंत्रण :: इंदौर (ईएमएस)। किसी भी सच्ची और दीर्घकालिक साझेदारी की बुनियाद केवल कागजी समझौतों पर नहीं, बल्कि आपसी अपनत्व और मजबूत विश्वास पर निर्भर करती है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को इंदौर में आयोजित इंडिया–लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन (एलएसी) ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम के दौरान विदेशी राजनयिकों से वन-टू-वन चर्चा करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने उरुग्वे, क्यूबा, पनामा, मेक्सिको, अर्जेंटीना, ब्राजील और पेरू सहित कई देशों के राजदूतों को मध्यप्रदेश में निवेश की असीम संभावनाओं से अवगत कराया। :: घरेलू और वैश्विक बाजार के लिए म.प्र. सबसे मुफीद :: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निर्मित फार्मास्युटिकल, इंजीनियरिंग, आईटी, टेक्सटाइल, खाद्य उत्पाद और कृषि क्षेत्र में दोनों पक्षों के लिए व्यापार के नए रास्ते खुल रहे हैं। राज्य सरकार रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) के क्षेत्र में भी बड़े स्तर की परियोजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने दावा किया कि मध्यप्रदेश की निवेश प्रोत्साहन नीति देश की सबसे बेहतरीन नीतियों में से एक है। यदि लैटिन अमेरिकी देश यहाँ निवेश करते हैं, तो वे प्रदेश के प्रचुर संसाधनों का लाभ उठाकर भारत के विशाल घरेलू बाजार के साथ-साथ अन्य देशों में भी निर्यात के बेहतरीन अवसर पा सकते हैं। :: इन्फ्रास्ट्रक्चर और वाइल्ड लाइफ टूरिज्म में अव्वल :: भौगोलिक अनुकूलता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के केंद्र में स्थित होने के कारण भारतीय बाजार में व्यवसाय करने के लिए मध्यप्रदेश सबसे उपयुक्त स्थान है। वर्तमान में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर (अधोसंरचना) विकास के लिए लगातार भारी-भरकम निवेश कर रही हैं। इसके अलावा, प्रचुर मात्रा में कुशल मैनपावर और कानून-व्यवस्था का अनुकूल माहौल हमारी बड़ी ताकत है। पर्यटन पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में 24 अभयारण्य (सेंचुरीज), 12 नेशनल पार्क, 7 टाइगर रिजर्व और 14 यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स हैं, जो वैश्विक पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। :: वैश्विक समिट और सिंहस्थ के लिए दिया न्योता :: चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों को जनवरी 2027 में होने वाले प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक समागम ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2027) और वर्ष 2028 में उज्जैन की पावन धरा पर आयोजित होने वाले सिंहस्थ-2028 के लिए सादर आमंत्रित किया। इस दौरान डॉ. यादव ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से भी संवाद किया और उन्हें मध्यप्रदेश के विकास की गाथा को वैश्विक स्तर पर साझा करने के लिए प्रेरित किया। इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत में उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो गुआनी, क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सान, एल साल्वाडोर के राजदूत गुइलेर्मो रूबियो फुनेस, पनामा के राजदूत अलोंसो कोरे, गुयाना के उच्चायुक्त धरम कुमार सीराज, पेरू के राजदूत जेवियर पॉलिनिक, ग्वाटेमाला के राजदूत ओमार कास्तानेदा, मेक्सिको के महावाणिज्यदूत एडोल्फो गार्सिया सहित जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम के प्रेसिडेंट डॉ. जितेंद्र जोशी और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रकाश/06 जून 2026