नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने मानसून से पहले नालों की सफाई का 70 प्रतिशत काम पूरा करने का दावा किया है। 15 जून तक अभियान पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से राहत मिल सके। मानसूनी बारिश में इस बार दिल्ली में कहीं भी जल जमाव नजर नहीं आएगा। इसके लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने कमर कस लिया है। प्राधिकरण का दावा है कि उसने नालों की सफाई (डी-सिल्टिंग) का करीब 70 फीसदी काम पूरा कर लिया है। डीडीए के मुताबिक बचे 30 फीसदी काम भी 15 जून तक पूरा कर लिया जाएगा, ताकि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को कम किया जा सके। मंगलवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि काम में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीडीए के अनुसार, बारिश के पानी की निकासी को बेहतर बनाने, सड़कों पर जलभराव रोकने, ट्रैफिक जाम कम करने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए काफी पहले से ही नालों की सफाई अभियान शुरू कर दिया गया था। फिलहाल डीडीए नरेला में 69 किलोमीटर और द्वारका में 192 किलोमीटर लंबे स्टॉर्म वॉटर ड्रेनों (बरसाती नालों) की सफाई कर रहा है। इस दौरान नालों में जमा मिट्टी, कचरा, झाड़ियां और अन्य अवरोध हटाए जा रहे हैं, ताकि बारिश का पानी आसानी से निकल सके। दिल्ली में डीडीए के अधीन कुल 494.8 किलोमीटर लंबे नाले हैं। इनमें से 148.2 किलोमीटर नालों की गहराई 4 फीट तक है, जबकि 246 किलोमीटर नाले इससे अधिक गहरे हैं। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/10/ जून /2026