लंबित भुगतान, वेतन वृद्धि की मांग, 2023 की घोषणाएं लागू न होने से पर जताई नाराजगी अशोकनगर (ईएमएस)। आशा एवं सुपरवाइजर कार्यकर्ता महासंघ ने बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर करीब 5 घंटे धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता और सुपरवाइजर कलेक्ट्रेट पहुंचे तथा प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मानदेय वृद्धि, नियमित भुगतान और अन्य सुविधाओं की मांग करते हुए जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि 6 सितंबर 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा आशा कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजरों के हित में कई घोषणाएं की गई थीं। इनमें प्रत्येक आशा कार्यकर्ता एवं सुपरवाइजर को प्रतिवर्ष 1,000 रुपए मानदेय वृद्धि देने की घोषणा भी शामिल थी, लेकिन अब तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है। ज्ञापन में बताया गया कि आशा कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार से 2,000 रुपए, राज्य सरकार से 4,000 रुपए तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के माध्यम से प्रोत्साहन राशि मिलती है। इसके बावजूद कई महीनों से भुगतान नियमित नहीं हो रहा है। कई बार तीन-तीन महीने तक राशि लंबित रहने से कार्यकर्ताओं को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि भुगतान में देरी को लेकर अधिकारियों से संपर्क करने पर कभी बजट की कमी तो कभी सॉफ्टवेयर खराब होने का कारण बताया जाता है। उन्होंने मांग की कि पूर्व की तरह केंद्र, राज्य और एनएचएम की राशि एकमुश्त दी जाए, ताकि भुगतान व्यवस्था स्पष्ट और नियमित बनी रहे। वेतन, पेंशन और बीमा सहित कई मांगें: महासंघ का कहना है कि अधिकांश आशा कार्यकर्ता आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं। समय पर पारिश्रमिक नहीं मिलने से उनके परिवारों के भरण-पोषण पर असर पड़ रहा है। संगठन ने आशा वर्कर्स को न्यूनतम 18 हजार रुपए तथा आशा सहयोगिनी को 24 हजार रुपए मासिक वेतन देने की मांग की है। इसके अलावा ईपीएफ, ईएसआई, पेंशन, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपए सहायता, दुर्घटना बीमा, पदोन्नति, 65 वर्ष की सेवा आयु, यात्रा भत्ता, गणवेश, मातृत्व अवकाश, डिजिटल उपकरण और भ्रमण के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटी उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ईएमएस/ ओमप्रकाश रघुवंशी/ 10 जून 2026