क्षेत्रीय
10-Jun-2026


कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देकर सब्सिडी और निजीकरण पर रोक की मांग अशोकनगर (ईएमएस)। मध्य प्रदेश बिजली उपभोक्ता संगठन ने बुधवार को स्मार्ट मीटर लगाए जाने और लगातार बढ़ रहे बिजली बिलों के विरोध में प्रदर्शन किया। अंबेडकर पार्क से शुरू हुई रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां उपभोक्ताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटर योजना को वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि बिजली आम नागरिक की मूलभूत आवश्यकता है और ऐसी किसी भी व्यवस्था को लागू नहीं किया जाना चाहिए, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़े। संगठन ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर आम जनता की जेब पर अतिरिक्त भार डाल रहे हैं। ज्ञापन में बताया गया कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति के कई स्थानों पर पुराने डिजिटल मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदला जा रहा है। संगठन ने आशंका जताई कि स्मार्ट मीटरों के माध्यम से टाइम ऑफ डे (टीओडी), डायनेमिक प्राइसिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी प्रणालियां लागू कर बिजली बिलों में वृद्धि की जा सकती है। संगठन ने विद्युत अधिनियम-2003 की विभिन्न धाराओं का हवाला देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को सही और प्रमाणित मीटर से बिजली प्राप्त करने का अधिकार है। उनके अनुसार, जब मौजूदा डिजिटल मीटर सही तरीके से कार्य कर रहे हैं, तो उन्हें बदलने की आवश्यकता नहीं है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना केवल एक योजना है, कोई कानूनी अनिवार्यता नहीं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में स्मार्ट मीटर नीति वापस लेना, जहां स्मार्ट मीटर लग चुके हैं वहां उपभोक्ता की मांग पर सामान्य डिजिटल मीटर लगाना, बिजली दरों में की गई वृद्धि वापस लेना, 300 यूनिट तक बिजली पर सब्सिडी देना तथा बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाना शामिल है। ईएमएस/ ओमप्रकाश रघुवंशी/ 10 जून 2026