क्षेत्रीय
10-Jun-2026


अंबरनाथ, (ईएमएस)। अंबरनाथ के चर्चित पार्किंग घोटाले में नगर परिषद प्रशासन ने आखिरकार कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित ठेकेदार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। छत्रपति शिवाजी महाराज चौक स्थित यशवंतराव चव्हाण वाहनतल (पार्किंग स्थल) में सामने आई अनियमितताओं के बाद ठेका रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट (काली सूची) में डालने की कार्रवाई भी की जा रही है। नगर परिषद के इस सख्त और सकारात्मक कदम के बाद सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत उतेकर ने 15 जून से प्रस्तावित अपना आमरण अनशन फिलहाल स्थगित कर दिया है। - 400 की जगह वसूले जा रहे थे 700 रुपये मामले ने तब तूल पकड़ा जब यह सामने आया कि मासिक पार्किंग पास के लिए निर्धारित 400 रुपये की फीस के बजाय वाहन चालकों से 700 रुपये वसूले जा रहे थे। इतना ही नहीं, ठेकेदार ने मासिक पास जारी करना भी बंद कर दिया था और केवल दैनिक रसीदें देकर शुल्क वसूला जा रहा था। इन गंभीर अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद नगर पालिका के बाजार विभाग ने मामले की जांच की और ठेका रद्द करने का प्रस्ताव मुख्याधिकारी उमाकांत गायकवाड़ को भेजा। मुख्याधिकारी ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए आगे की स्वीकृति के लिए नगराध्यक्षा तेजश्री करंजुळे के पास भेज दिया है। - अब नगर परिषद स्वयं चलाएगी पार्किंग अंतिम मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव को नगर परिषद के सामान्य सभा में रखा जाएगा। तब तक संबंधित पार्किंग स्थल का संचालन नगर परिषद स्वयं करेगी। इससे वाहन चालकों को निर्धारित सरकारी दरों पर पार्किंग सुविधा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। घोटाले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बाजार विभाग प्रमुख प्रतीक्षा सावंत को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। - अन्य पार्किंग ठेकों की भी जांच शुरू नगर परिषद ने केवल एक मामले तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। शहर के अन्य सभी पार्किंग ठेकों की भी जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। इससे शहर में पार्किंग व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। - नागरिकों ने बताया जनता की जीत नगर परिषद की इस कार्रवाई का स्थानीय नागरिकों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि इससे वाहन चालकों को राहत मिलेगी और भविष्य में मनमानी वसूली पर रोक लगेगी। सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत उतेकर ने कहा कि यदि भविष्य में फिर से जनता के हितों के खिलाफ कोई कदम उठाया गया तो जनहित की लड़ाई और आंदोलन जारी रहेगा। संतोष झा- १० जून/२०२६/ईएमएस