* कर्जमाफी, मुफ्त बिजली, उचित समर्थन मूल्य और भूमि अधिग्रहण के मुद्दों पर ‘किसान सत्याग्रह’ का ऐलान, सरकार को दी बड़ी चेतावनी अहमदाबाद (ईएमएस)| गुजरात के किसानों की प्रमुख समस्याओं तथा भारतीय जनता पार्टी सरकार की कथित किसान विरोधी नीतियों के विरोध में 15 जून को आयोजित होने वाली “किसान सत्याग्रह ट्रैक्टर यात्रा” की तैयारियों को लेकर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव गांधी भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधानसभा कांग्रेस दल के नेता डॉ. तुषार चौधरी, गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के पूर्व अध्यक्ष भरतसिंह सोलंकी, सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी देसाई, किसान कांग्रेस अध्यक्ष जयेश पटेल, पाल आंबलिया, कार्यकारी अध्यक्ष जिग्नेश मेवाणी, डॉ. इंद्रविजयसिंह गोहिल, पूर्व सांसद डॉ. अमीबेन याज्ञिक, अल्काबेन क्षत्रिय, विधायक अमरतजी ठाकोर, गुलाबसिंह चौहान, पूर्व विधायक हिम्मतसिंह पटेल, लाखा भरवाड़, करसनदास बापू सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। बैठक में किसानों को न्याय दिलाने, भूमि का उचित मुआवजा सुनिश्चित करने, दूध एवं कृषि उपज के लाभकारी मूल्य दिलाने तथा राज्यभर में किसानों की जमीनों पर जबरन बिजली के खंभे और उच्चदाब विद्युत लाइनें बिछाने जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही 15 जून को होने वाले किसान सत्याग्रह में अधिक से अधिक किसानों और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया। * 200 से अधिक नेताओं ने बनाई आंदोलन की रणनीति बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी देसाई ने बताया कि “किसान सत्याग्रह ट्रैक्टर यात्रा” का आयोजन गुजरात किसान कांग्रेस और किसान संघर्ष समिति द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराना है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को “जगत का तात” कहती है, लेकिन व्यवहार में किसान लगातार सरकारी नीतियों का शिकार बन रहे हैं। बिना उचित योजना के लागू की गई नीतियों के कारण किसान आर्थिक और सामाजिक संकट झेल रहे हैं। राज्य सरकार के मंत्री तथा प्रशासनिक अधिकारी किसानों की भूमि पर जबरन निजी कंपनियों की विद्युत लाइनें स्थापित करवा रहे हैं। *शांतिपुरा सर्कल से गांधीनगर तक निकलेगी 1111 ट्रैक्टरों की विशाल यात्रा आयोजकों के अनुसार राज्य के विभिन्न जिलों से किसान अहमदाबाद पहुंचेंगे। इसके बाद 15 जून को शांतिपुरा सर्कल से 1111 ट्रैक्टरों के साथ गांधीनगर के लिए विशाल मार्च निकाला जाएगा। इस यात्रा के माध्यम से किसानों की मांगों को सीधे सरकार के समक्ष रखा जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह विधानसभा घेराव नहीं है, बल्कि किसानों की समस्याओं के प्रति उदासीन सरकार को चेताने के लिए दिया जा रहा एक सशक्त संदेश है। * किसान संगठनों ने सरकार के सामने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं - गुजरात के 56 लाख किसानों पर बकाया लगभग 96 हजार करोड़ रुपये के कृषि ऋण की पूर्ण माफी। अन्य राज्यों की तर्ज पर खेती के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाए। भूमि मापन और भूमि कटौती की प्रक्रियाओं को बंद किया जाए तथा किसानों को न्याय दिया जाए। कृषि उपज और दूध के लिए लाभकारी एवं पोषणक्षम मूल्य सुनिश्चित किए जाएं। खाद, बीज, डीजल और कीटनाशक दवाएं उचित दरों पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाएं। भूमि अधिग्रहण में हो रहे कथित भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए। किसानों की सहमति के बिना उनकी जमीनों पर उच्चदाब विद्युत लाइनें बिछाने की कार्रवाई बंद की जाए। * भूमि अधिग्रहण और बिजली परियोजनाओं पर गंभीर आरोप किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों को जमीन के बदले अत्यधिक मुआवजा दिया जाता है, जबकि सामान्य किसानों को बहुत कम कीमत पर अपनी जमीन गंवानी पड़ती है। नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बड़ी विद्युत कंपनियां पुलिस संरक्षण के साथ किसानों के खेतों में प्रवेश कर जबरन उच्चदाब बिजली लाइनें बिछा रही हैं, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। * खाद, बीज और न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर किसानों में नाराजगी किसान कांग्रेस के नेताओं जयेश पटेल और पाल आंबलिया ने कहा कि खाद और बीज की बढ़ती कीमतों, फसलों के कम समर्थन मूल्य, नकली बीज एवं दवाओं की समस्या तथा सरकारी खरीद में कथित अनियमितताओं के कारण किसान गंभीर संकट से गुजर रहे हैं। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीनों को अधिग्रहित करने और निजी परियोजनाओं को लाभ पहुंचाने की कोशिशों के खिलाफ अब पूरे राज्य में व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। * सरकार को कांग्रेस की दो टूक चेतावनी बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि 15 जून का आंदोलन केवल एक शुरुआत है। यदि किसानों की जायज मांगों को तुरंत स्वीकार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में गुजरात के किसान और अधिक व्यापक संघर्ष का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। कांग्रेस ने राज्य के सभी किसानों, किसान संगठनों तथा आम नागरिकों से अपील की है कि वे 15 जून को आयोजित किसान सत्याग्रह ट्रैक्टर यात्रा में बड़ी संख्या में शामिल होकर इसे ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएं। सतीश/10 जून